68500 Assistant Teacher Bharti Vigyan Question Paper Answer in Hindi

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68500 Assistant Teacher Bharti Vigyan Question Paper Answer in Hindi
68500 Assistant Teacher Bharti Vigyan Question Paper Answer in Hindi

प्रश्न – कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन और खनिज युक्त खाद्य पदार्थ कौन-कौन से हैं?

उत्तर – चावल, गेहूँ, अनाज और आलू कार्बोहाइड्रेट प्रधान खाद्य हैं। दालें, मछली, मांस, दूध और अंड़ों में प्रोटीन पाया जाता है। तेल, मक्खन, घी आदि में वसा पाई जाती है। अंकुरित खाद्यान्न, हरी सब्जियों और फलों में विटामिन और खनिज होते हैं।

प्रश्न – हीनता जन्य रोग क्या हैं?

उत्तर – विटामिन और खनिजों की कमी के कारण उत्पन्न रोग हीनता जन्य रोग कहलाते हैं। इन रोगों के इलाज के लिए पीड़ित व्यक्तियों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन और खनिज दिया जाना चाहिए।

प्रश्न – रोग उत्पन्न होने के क्या कारण हैं?

उत्तर – रोग उत्पन्न करने वाले कीटाणु सूक्ष्म जीव हैं। ये बैक्टीरिया, वायरस, फफूंदी और एक कोशिकीय प्रोटोजोआ आदि हो सकते हैं।

प्रश्न – संक्रामक बीमारी क्या होती है?

उत्तर – संक्रामक बीमारियां छुआ-छूत के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलती हैं। जैसे- टायफाइड, चेचक, मलेरिया, हैजा, पोलियो, खसरा, टिटेनस आदि।

प्रश्न – हैजा रोग किस जीवाणु द्वारा फैलता है?

उत्तर – हैजा रोग बाइब्रियों कॉलेरी नामक जीवाणु से होता है।

प्रश्न – टाइफाइड किस जीवाणु द्वारा होता है?

उत्तर – टाइफाइड सलमोनला टाइफी (Salmonella Typhi) नामक जीवाणु से होता है।

प्रश्न – मलेरिया किस जीव द्वारा होता है?

उत्तर – मलेरिया प्लाज्मोडियम गण के प्रोटोजोआ परजीवी के माध्यम से फैलता है।

प्रश्न – प्लेग किस जीवाणु द्वारा फैलता है?

उत्तर – प्लेग पास्चुरेला पेस्टिस नामक जीवाणु द्वारा फैलता है।

प्रश्न – कॉपरनिक्स ने किसका आविष्कार किया था?

उत्तर – पृथ्वी तथा अन्य नक्षत्रों का अपनी धुरी और सूर्य के गिर्द घूमने की स्पष्ट और विस्तृत व्याख्या कॉपरनिक्स का महान कार्य था।

प्रश्न – पेन्सलीन, स्ट्रेप्टोमाइसीन और टैट्रासाइक्लीन क्या है?

उत्तर – पेन्सलीन, स्ट्रेप्टोमाइसीन, टैट्रासाइकलीन अधिक प्रचलित एंटिबायटिक औषधियां हैं।

प्रश्न – वर्तमान में कौन-कौन-सी चिकित्सा प्रणाली उपलब्ध है?

उत्तर – आजकल रोग उपचार के लिए विभिन्न चिकित्सा प्रणालियां उपलब्ध है जैसे-आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी और एलोपैथिक।

प्रश्न – होम्योपैथी का आविष्कार किसने किया था?

उत्तर – होम्योपैथी का आविष्कार जर्मनी के डॉ. हनीमैन ने किया।

प्रश्न – थर्मामीटर का क्या उपयोग है?

उत्तर – तापमापी या थर्मामीटर वह युक्ति है जिससे ताप का मापन किया जाता है।

प्रश्न – स्टेथोस्कोप का क्या उपयोग है?

उत्तर – स्टेथोस्कोप रोगी के रक्त संचार की दशा का परिक्षण करने का उपकरण है।

प्रश्न – माइक्रोस्कोप का क्या उपयोग है?

उत्तर – माइक्रोस्कोप का उपयोग सूक्ष्म या अतिसूक्ष्म वस्तुओं को देखने में किया जाता है।

प्रश्न – वैज्ञानिक प्रगति ने मानव की जीवन शैली को किस प्रकार बदल दिया है?

उत्तर – विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास मानव जीवन की कठिनाइयों को दूर करने, मूलभूत आवश्यकताओं की आपूर्ति को बेहतर बनाने और प्राकृतिक जिज्ञासा को शांत करने के मानवीय प्रयासों का अभिन्न अंग है।

प्रश्न – रुक्ष अंश किनमें मिलते हैं?

उत्तर – रुक्ष अंश निम्नलिखित से बनते हैं- रेशेदार सब्जियां, पत्तेदार फल, दलिया, सेल्युलोज युक्त उत्पाद आदि।

प्रश्न – ऊर्जा कुपोषण कब होता है?

उत्तर – कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा अवयवों की कमी से प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण हो जाता है।

प्रश्न – एनीमिया के लक्षण क्या हैं तथा यह किस कारण हो जाता है?

उत्तर – एनीमिया के मुख्य लक्षण हैं पीला चेहरा, जल्दी थकना, थकावट तथा वजन कम होना। इस रोग में लोहा-लवण की कमी से रक्त में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है।

प्रश्न – गलकंठ रोग क्यों होता है?

उत्तर – आयोडीन की सही मात्रा न लेने से गलकंठ रोग उत्पन्न होता है। गलकंठ रोग में रोगी का वजन बढ़ जाता है, गर्दन फूल जाती है तथा तंत्रिका तंत्र में विकार उत्पन्न हो जाते हैं।

प्रश्न – सूक्ष्म जीवाणु किस प्रकार रोग फैलाते हैं?

उत्तर – पानी, हवा तथा खाद्य पदार्थों द्वारा होने वाले रोगों का मुख्य कारण सूक्ष्म जीवाणु होते हैं।

प्रश्न – जल द्वारा फैलने वाले रोग कौन-से हैं?

उत्तर – हैजा, टाइफाइड, जठरांत्रशोथ आदि रोग जल के द्वारा फैलने वाले रोग हैं।

प्रश्न – संक्रामक रोगों के कारक और संक्रमण के प्रकार बताइए।

उत्तर –

संक्रामक रोगों के कारकसंक्रमण के प्रकार
जीवाणुभोजन तथा जल
वायरस (विषाणु)हवा
कवकभोजन
प्रोटोजोआजल
कृमीयजल

प्रश्न – टाइफाइड, हैजा, पेचिश आदि किसके कारण होते हैं?

उत्तर – टाइफाइड, हैजा, पेचिश आदि का कारण जीवाणु हैं।

प्रश्न – चार प्रमुख रोग और उनके कारक बताइए-

उत्तर –

रोगकारक
इंफ्लुएंजाविषाणु
माता (खसरा)विषाणु
न्यूमोनियाविषाणु/जीवाणु
तपेदिकजीवाणु

प्रश्न – बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा जानकारी प्रदान करना क्यों आवश्यक हैं?

उत्तर – बच्चों को पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा जानकारी प्रदान करना अत्यावश्यक है, क्योंकि (1) वे विकास की अवस्था में होते हैं और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों का ही पोषण से सीधा संबंध होता है, (2) बच्चों के शरीर में रोधी अथवा प्रतिरक्षी प्रणाली की शत-प्रतिशत सामर्थ्य विकसित न होने के कारण वयस्कों की तुलना में उनकी संक्रामक रोगों की चपेट में आने की अधिक संभावना होती है।

प्रश्न – प्रत्येक ज्ञानेन्द्रिय किस उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया करती है?

उत्तर – आंखे प्रकाश के प्रति, कान ध्वनि के प्रति, नाक गंध के प्रति, त्वचा स्पर्श के प्रति तथा जीभ स्वाद के प्रति अनुक्रिया करती है।

प्रश्न – मानव शरीर के विभिन्न अंग और तंत्र को कार्य करने के लिए ऊर्जा कहां से प्राप्त होती है?

उत्तर – शरीर के विभिन्न अंगों को कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो उसे जीवों द्वारा ग्रहण किए जाने वाले भोजन से प्राप्त होती है।

प्रश्न – प्रमुख पोषक तत्व कौन हैं?

उत्तर – प्रमुख पोषक तत्व हैं कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन एवं खनिज कार्बोहाइड्रेट और वसा उत्पादक पोषक तत्व हैं। प्रोटीन, शरीर का निर्माण और अनुरक्षण करते हैं और विटामिन एवं खनिज, रोगों से बचाते हैं।

प्रश्न – मनुष्य के शरीर में कितना प्रतिशत जल है?

उत्तर – मनुष्य के शरीर में लगभग 70 प्रतिशत जल है। शरीर से जल पसीने और मूत्र के रुप में बाहर निकल कर शरीर के तापमान को संतुलित करता है।

प्रश्न – ताजा खाद्य पदार्थ हमारे शरीर के लिए क्यों आवश्यक है?

उत्तर – ताजा खाद्य पदार्थों का सेवन करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि अधिक समय तक रखे गए खाद्य पदार्थों में विषाक्ता उत्पन्न हो जाती है, जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है।

प्रश्न – विकासशील देशों के खाद्य पदार्थों की प्रमुख समस्या क्या है?

उत्तर – विकासशील देशों में, एक प्रमुख समस्या खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की कमी है, जिसके कारण अनेक बच्चे क्वाशियोरकर रोग से पीड़ित हो जाते हैं।

प्रश्न – शरीर में प्रोटीन की कमी के कौन-से लक्षण हैं?

उत्तर – बढ़ा हुआ पेट, दुबला-पतला शरीर और शरीर में खून की अपर्यप्तता शरीर में प्रोटीन की कमी के लक्षण हैं।

प्रश्न – खाद्य श्रृंखला किसे कहते हैं?

उत्तर – किसी पारितंत्र में एक जीव द्वारा दूसरे जीव को खाने (या उपभोग करने) की क्रमबद्ध प्रक्रिया को खाद्य श्रृंखला कहते हैं। हरे पौधे प्राथमिक उत्पादक हैं, क्योंकि वह सौर ऊर्जा का उपयोग करके प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा भोजन बनाते हैं और वे खाद्य श्रृंखला में सबसे पहले पोषक स्तर पर होते हैं।

प्रश्न – खाद्य श्रृंखला में उत्पादक स्तर पर कौन होते हैं?

उत्तर – घास और पौधे खाद्य श्रृंखला में उत्पादक स्तर पर हैं। वे सूर्य की ऊर्जा का प्रयोग प्रकाश संश्लेषण क्रिया में करते हैं।

प्रश्न – प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता कौन होते हैं?

उत्तर – ऊर्जा के रुप में खाद्य पदार्थों का उपभोग हिरण (शाकाहारी) (प्रथम श्रेणी का उपभोक्ता) करता है।

प्रश्न – द्वितीय श्रेणी के उपभोक्ता कौन हैं?

उत्तर – शाकाहारी को द्वितीय श्रेणी के उपभोक्ता मांसाहारी खाते हैं।

प्रश्न – कुछ खाद्य श्रृंखलाओं के उदाहरण लिखिए?

उत्तर – खाद्य श्रृंखलाओं के कुछ उदाहरण निम्न हैं-

  • पौधे -> मेंढक ->  सांप ->  गिद्ध
  • घास ->  खरगोश -> बाज – >गिद्ध
  • पौधे -> टिड्डा -> छिपकली->  गिद्ध

प्रश्न – पारिस्थितिक तंत्र कैसे बनता है?

उत्तर – एक पारिस्थितिक तंत्र भौतिक और जैविक तंत्रों से बनता है जिसमें हवा, मृदा, जल और इन सब माध्यमों की भौतिक तथा रासायनिक विशेषताएं शामिल हैं।

प्रश्न – नवीकरणीय सम्पदाएं क्या होती हैं?

उत्तर – नवीकरणीय सम्पदाएं वो सम्पदाएं हैं, जिनको हम प्रयोग करते हुए नवीकरण कर सकते हैं। उदाहरण के लिए वन, कृषि, मत्स्यपालन।

प्रश्न – अनवीकरणीय सम्पदाएं क्या हैं?

उत्तर – वे सम्पदाएं जिन्हें प्रयोग करने के बाद पुन: स्थापित नहीं किया जा सकता अनवीकरणीय कहलाती हैं। उदाहरण के लिए तेल, कोयला, खनिज, लोहा आदि।

प्रश्न – जैव सम्पदाएं कौन-सी हैं?

उत्तर – जीवमंडल से प्राप्त सम्पदाओं को जैव सम्पदाएं कहते हैं। वन, वन उत्पाद, पक्षी, जंतु, मछली (समुद्री जीवन) और फसलें और इनके साथ ही वे सम्पदाएं जो कार्बनिक पदार्थों से बनी हुई हैं, जैव सम्पदाएं हैं।

प्रश्न – अजैव सम्पदाएं क्या हैं?

वे सम्पदाएं जो अकार्बनिक पदार्थों से बनती हैं अजैव सम्पदाएं कहलाती हैं। जल, भूमि आदि इस सम्पदा का उदाहरण हैं।

प्रश्न – पौधे अपना भोजन कैसे बनाते हैं?

उत्तर – पौधों को अपना भोजन तैयार करने के लिए पानी, कार्बन डाइऑक्साइड, सूर्य का प्रकाश तथा हरे वर्णक (पिगमेंट) क्लोरोफिल की आवश्यकता होती है।

प्रश्न – कौन-से पौधे अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते हैं?

उत्तर – जो पौधे हरे नहीं होते या जिनमें क्लोरोफिल नहीं होता वे अपना भोजन स्वयं तैयार नहीं कर सकते। जैसे- कुकुरमुत्ता, कवक (फंगस), फफूंदी आदि। अत: उन्हें अपने भोजन के लिए दूसरे पौधों पर निर्भर होना पड़ता हैं।

प्रश्न – उद्दीपन क्या होता है?

उत्तर – ऐसी कोई भी क्रिया जो अनुक्रिया उत्पन्न करती है उद्दीपन कहलाती है। सभी सजीव वस्तुएं इस प्रकार की अनुक्रियाएं उत्पन्न करने की क्षमता रखती हैं।

प्रश्न – मछलियों के श्वसन अंग को क्या कहा जाता है?

उत्तर – मछलियों में श्वसन अंग के रुप में क्लोम (गलफड़े) होते हैं और उनके पंख तैरने में उनकी सहायता करते हैं।

प्रश्न – मेंढक जल एवं स्थल में रहने के लिए कैसे अनुकूलित हैं?

उत्तर – मेंढक की त्वचा में सांस लेने की क्षमता होती है और इस प्रयोजन के लिए उसकी त्वचा सदा नम रहती है तथा फेफड़े सांस लेने में उनकी सहायता करते हैं।

प्रश्न – पानी वाले पौधों को प्लवन की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर – जलीय पौधों का तैरना इसलिए आवश्यक है कि, जिससे इनके पत्ते सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके अपने लिए भोजन तैयार कर सकें।

प्रश्न – सामान्यत: अनुकूलन क्या होता है?

उत्तर – अनुकूलन तत्वत: पौधों तथा जंतुओं के शरीर के अंगों की संरचना और संगठन में एक प्रकार का परिवर्तन होता है जिनसे वे विशेष प्रकार के पर्यावरण में रहने के योग्य हो जाते हैं।

प्रश्न – ऊंट का शरीर मरुभूमीय पर्यावरण में रहने के लिए कैसे उपयुक्त हैं?

उत्तर – कूबड़, गद्दीदार पैर और पानी की थैली कुछ ऐसी संरचनाएं हैं, जो प्रतिकूल मरुभूमीय पर्यावरण में रहने में ऊंट की सहायता करती हैं।

प्रश्न – मरुभूमीय पौधों के ऐसे कौन-से अनुकूलन हैं, जो उन्हें शुष्क पर्यावरण में जीवित रखते हैं?

उत्तर – मरुभूमीय पौधों को अपने जीवन के लिए न्यूनतम जल की आवश्यकता होती है। इनका तना चपटा, पत्ताविहीन, गूदेदार तथा हरे रंग का होता है जिससे वे प्रकाश संशेलेषण की क्रिया करते हैं। इनके पत्ते कांटों में परिवर्तित होते हैं।

प्रश्न – मरुस्थलीय पौधों में पत्ते क्यों नहीं होते?

उत्तर – पत्ते पौधों के ऐसे अंग हैं, जिनके द्वारा उनका पानी निरंतर नष्ट होता रहता है। जल को नष्ट होने रोकने के लिए मरुस्थलीय पौधों पर पत्ते नहीं होते। परंतु पत्तों में हरा वर्णक-क्लोरोफिल होता है, जिनसे पौधों के लिए भोजन तैयार होता है।

प्रश्न – वातावरण में ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन कैसे बनता है?

उत्तर – पौधे कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हुए प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपने भोजन को संश्लेषित करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं. दूसरी ओर, जंतु वायु से ऑक्सीजन लेकर पर्यावरण में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। इस प्रकार वातावरण में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। इस प्रकार वातावरण में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तरों में संतुलन बना रहता है।

प्रश्न – वनों को सुरक्षित रखने के लिए कौन-कौन से उपाय संभव हैं?

उत्तर – वनों को सुरक्षित रखने हेतु प्रमुख उपायों में शामिल हैं-पेड़ों को अनावश्यक रुप से न काटना, जंगली आग से पेड़ों की रक्षा करना, बीमारियों से पेड़ों की रक्षा करना, अधिक-से-अधिक पेड़ लगाना।

प्रश्न – महाविलायक किसे कहा जाता है?

उत्तर – पानी महाविलायक है। महाविलायक बहुत-से पदार्थों को अपने में घोल लेता है।

प्रश्न – वायुमंडल की प्रमुख गैसें कौन-सी हैं?

उत्तर – वायुमंडल में ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, आर्गन तथा नाइट्रोजन आदि प्रमुख गैसें होती हैं।

प्रश्न – भारत के सुप्रसिद्ध अभयारण्य/ राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में स्थित हैं?

उत्तर –

अभयारण्य/राष्ट्रीय उद्यानराज्य
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यानउत्तराखंड
कान्हा राष्ट्रीय उद्यानमध्य प्रदेश
हजारीबाग राष्ट्रीय उद्यानझारखंड
बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यानकर्नाटक
मुदुमलै राष्ट्रीय उद्यानतमिलनाडु
भरतपुर पक्षी विहारराजस्थान
मेहाओ वन्य जीव अभयारण्यअरुणाचल प्रदेश
नामदेफा राष्ट्रीय उद्यानअरुणाचल प्रदेश
मानस राष्ट्रीय उद्यानअसम
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यानअसम

 

प्रश्न – वायुमंडल में नाइट्रोजन क्यों आवश्यक हैं?

उत्तर – नाइट्रोजन ऑक्सीजन की दहन-क्रिया को नियंत्रण में रखती है। नाइट्रोजन पौधों पोषण के लिए भी एक अनिवार्य तत्व है। कुछ प्राकृतिक प्रक्रियाओं के द्वारा वायुमंडलीय नाइट्रोजन घुलनशील नाइट्रेटों बदल जाती है। घुलनशील नाइट्रेट को पौधे अपनी जड़ों के माध्यम से अवशोषित कर लेते हैं।

प्रश्न – वायुमंडल में जल वाष्प किस घटना के लिए उत्तरदायी होता हैं?

उत्तर – वायु में विद्यमान जल वाष्प मौसम संबंधी अनेक घटनाओं का कारण होते हैं; जैसे- ओस, बादल, कोहरा, धुंध, वर्षा तथा पाला आदि।

प्रश्न – जल वाष्प किस प्रक्रिया से बनता है?

उत्तर – जल वाष्प वाष्पीकरण की प्रक्रिया से बनता हैं।

प्रश्न – वायु का कितना भाग ऑक्सीजन हैं?

उत्तर – वायु का 1/5 भाग ऑक्सीजन होता है।

प्रश्न – ऑक्सीजन का प्रमुख कार्य कौन-सा है?

उत्तर – ऑक्सीजन का प्रमुख कार्य श्वसन और दहन (जलने) में सहायता करना है।

प्रश्न – कार्बन डाइ ऑक्साइड का क्या महत्व है?

उत्तर – प्रकाश संश्लेषण में पौधे वायु से कार्बन डाइऑक्साइड, भूमि से पानी और खनिज लेते हैं और सूर्य के प्रकाश में अपने हरित भाग भोजन तैयार करते हैं। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन बाहर निकलती है।

प्रश्न – पौधे नाइट्रोजन को किस रुप में ग्रहण करते हैं?

उत्तर – पौधे अपनी जड़ों से पानी के माध्यम से नाइट्रोजन को नाइट्रेट के रुप में ग्रहण करते हैं। कुछ पौधों की जड़ों में स्थित बैक्टीरिया भी वायु में उपस्थित नाइट्रोजन को नाइट्रेटों के रुप में बदलते हैं।

प्रश्न – कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग कहां होता है?

उत्तर – कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग गैसयुक्त पेय बनाने, अग्नि शमन यंत्रों में किया जाता है। ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (जिसे सूखी बर्फ कहा जाता है) का उपयोग मांस, मछली या दूसरे खाद्य पदार्थों के परिरक्षण के लिए किया जाता है।

प्रश्न – नाइट्रोजन का उपयोग कहां होता है?

उत्तर – नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए अनिवार्य है। नाइट्रोजन वाले बहुत-से यौगिकों का रंगों और औषधियों के रुप में प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न – ड्रापर में पानी कैसे प्रवेश करता है?

उत्तर – रबर पर से दाब हटा लेने के बाद ड्रापर के अंदर वायु दाब कम हो जाता है। पात्र में जल के तल पर प्रभाव डालने वाला वायु दाब पानी को अंदर धकेल देता है।

प्रश्न – वायु के दाब के सिद्धांत पर काम करने वाले यंत्र कौन-से हैं?

उत्तर – फाउंटेन पेन, सिरिंज, मिट्टी के तेल के स्टोव का पम्प तथा पानी का पम्प भी वायु दाब के सिद्धान्त पर काम करते हैं।

प्रश्न – वायुमंडल से क्या समझते हैं?

उत्तर – वायु ने सारी पृथ्वी को ढका हुआ है। वायु का यह आवरण वायुमंडल कहलाता है।

प्रश्न – वायुमंडलीय दाब को किस यंत्र से मापा जाता है?

उत्तर – बैरोमीटर नामक यंत्र से वायुमंडलीय दाब को मापा जाता है।

प्रश्न – वायु प्रदूषण में सर्वाधिक हानिकारक गैस कौन-सी है?

उत्तर – जब कोई ईंधन वायु की अपर्याप्त आपूर्ति में जलता है, तो आपूर्ण दहन कार्बन मोनोऑक्साइड से सर्वाधिक वायु प्रदूषण उत्पन्न होता है। कार्बन मोनोऑक्साइड विषैली गैस होती है. यह रक्त में अवशोषित होकर उसकी क्रियाशीलता को कम कर देती है।

प्रश्न – गंधक एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइड किस प्रकार हानिकारक है?

उत्तर – गंधक और नाइट्रोजन के ऑक्साइड भी स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। कोयले और पेट्रोल में थोड़ी मात्रा में गंधक होता है, जो जलने पर सल्फर डाइऑक्साइड उत्पन्न करता है, जो त्वचा, फेफड़ों और दूसरे ऊतकों पर दुष्प्रभाव डालती है। इसी प्रकार उच्च ताप पर निर्मित नाइट्रोजन के ऑक्साइड भी विषैले होते हैं।

प्रश्न – जल में कौन-सी वस्तुएं घुलनशील हैं?

उत्तर – जल एक अच्छा विलायक है। इसमें चीनी, नमक और कई खनिज घुल जाते हैं। जल, द्रव और गैसों को भी घोल देता है। कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइ ऑक्साइड और ऑक्सीजन जैसी कई गैसें भी जल में घुलनशील हैं।

प्रश्न – रोगाणुयुक्त जल पीने से होने वाले रोग कौन-से हैं?

उत्तर – रोगाणुयुक्त जल पीने से अनेक रोग हो जाते हैं। जैसे- अतिसार (दस्त), आंत्रज्वर (टाइफाइड) और पीलिया।

प्रश्न – अवसादन प्रक्रिया क्या हैं?

उत्तर – पानी में निलंबित सूक्ष्म कण समूह में एकत्रित हो जाते हैं और तले पर बैठ जाते हैं। तले पर बैठने की इस प्रक्रिया को अवसादन कहते हैं।

प्रश्न – पानी को शुद्ध करने की कौन-सी विधि है?

उत्तर – कम-से-कम तीन मिनट तक पानी उबालने से अधिकतर रोगाणु मर जाते हैं और पानी पीने के योग्य हो जाता है।

प्रश्न – सर्वाधिक शुद्ध जल कौन-सी होता है?

उत्तर – कुछ बौछारें पड़ चुकने के बाद इकट्ठा किया हुआ वर्षा का पानी धूल तथा रोगाणु रहित होता है और इसका पीने के लिए उपयोग किया जा सकता है। वर्षा का पानी सर्वाधिक शुद्ध जल है।

प्रश्न – जल चक्र क्या है?

उत्तर – जब पानी को गरम किया जाता है तो वह जल वाष्प में बदल जाता है। जल वाष्प ठंडे होने पर फिर पानी बन जाते हैं। जल का एक रुप से दूसरे रुप में बार-बार बदलना प्रकृति में जल चक्र बनाता है।

प्रश्न – ऐसे कौन-से कारक हैं जिन पर मौसम निर्भर करता हैं?

उत्तर – वायुदाब मौसम के निर्धारण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारक है। वायु में आर्द्रता (नमी) दूसरा महत्वपूर्ण कारक है. आर्द्रता सदा एक जैसी नहीं रहती। यह बदलती रहती है।

प्रश्न – पानी को रोग मुक्त करने के लिए प्रमुख रुप से किस रसायन का प्रयोग किया जाता है?

उत्तर – पानी में विद्यमान रोगाणु को मारने के लिए पोटैशियम परमैंगनेट तथा क्लोरीन का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न – वाष्पीकरण के दर को कौन-से कारक प्रभावित करते हैं?

उत्तर – तेज हवा, जल वाष्प की उपस्थिति तथा वायु का तापमान आदि ऐसे अनेक कारक हैं, जो वाष्पीकरण की दर को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न – परमाणु के प्रमुख आधारभूत कण कौन से हैं?

उत्तर – परमाणु तीन आधारभूत कणों, प्रोटॉनों, न्यूटॉनों तथा इलेक्ट्रॉनों से बने होते हैं।

प्रश्न – अणु आवेश रहित क्यों होते हैं?

उत्तर – अणु में इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या समान होती है, जिसके परिमाणस्वरुप वह उदासीन (आवेश रहित) होता है।

प्रश्न – कैथोड किरणों के प्रमुख गुण कौन-से हैं?

उत्तर – कैथोड किरणें सीधी रेखा में चलती हैं, कैथोड किरणें यांत्रिक प्रभाव उत्पन्न कर सकती हैं एवं कैथोड किरणें ऋणात्मक आवेशित होती हैं।

प्रश्न – इलेक्ट्रॉन की विशेषताएं बताइए।

उत्तर – इलेक्ट्रॉन में भार न के बराबर (नगण्य) होता है। इसका भार हाइड्रोजन के परमाणु के भार का 1/1840 के बराबर होता है। इलेक्ट्रॉन में 1.6×10-19   कूलॉम का ऋणात्मक आवेश होता है। आवेश की यह मात्रा एक इकाई ऋणात्मक आवेश के बराबर मानी जाती है, क्योंकि यह सबसे छोटी ऋणात्मक इकाई है, जिसे कोई भी कण ग्रहण कर सकता है।

प्रश्न – प्रोटॉन की प्रमुख विशेषता क्या हैं? कोई एक लिखें।

उत्तर – विभिन्न गैसों से प्राप्त धनात्मक कणों के संदर्भ में आवेश तथा संहति का अनुपात (e/m) स्थित नहीं होता है। हाइड्रोजन से प्राप्त धनात्मक किरणों का आवेश तथा संहति (द्रव्यमान) का अनुपात उच्चतम होता है। एक प्रोटॉन का द्रव्यमान (संहति) एक इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान से 1840 गुना अधिक होता है अर्थात इसका द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के समान होता है। एक प्रोटॉन का आवेश एक इलेक्ट्रॉन के आवेश के बराबर ही होता है, परंतु दोनों विपरीत प्रकार के आवेश होते हैं। प्रोटॉन का आवेश धनात्मक (+) और इलेक्ट्रॉन का आवेश ऋणात्मक (-) होता है। एक प्रोटॉन का आवेश एक इकाई धानात्मक आवेश को निरुपित करता है।

प्रश्न – न्यूट्रॉन के खोजकर्ता का नाम लिखिए तथा इस कण की वैद्युत प्रकृति बताइए।

उत्तर – वर्ष 1932 में चैडविक (Chadwick) ने एक मूलभूत कण की खोज की। इस कण को न्यूट्रॉन का नाम दिया गया। यह कण वैद्युत रुप से उदासीन अथवा अनावेशित है।

प्रश्न – नाभिक का अर्थ बताएं।

उत्तर – परमाणु का लगभग पूर्ण द्रव्यमान थोड़े से स्थान में केंद्रित है। अत: वे प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन, जो परमाणु के कुल द्रव्यमान को दर्शाते हैं, नाभिक कहा जाता है।

प्रश्न – तत्व का परमाणु क्रमांक किसे कहते हैं।

उत्तर – नाभिक में विद्यमान प्रोट्रॉन, नाभिक में धनात्मक आवेशों की संख्या को दर्शाते हैं। इस संख्या को तत्व का परमाणु क्रमांक कहते हैं।

प्रश्न – सोडियम (Na) की परमाणु संख्या क्या हैं?

उत्तर – सोडियम (Na) की परमाणु संख्या 11 है।

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