DOEACC CCC Communication and Collaboration Study Material Hindi and English

DOEACC CCC Communication and Collaboration Study Material Hindi and English

DOEACC CCC Communication and Collaboration Study Material Hindi and English:- इस पोस्ट में आपकों मिलेगी सूचनाओं का आदान-प्रदान (संचार) (Communication and Collaboration) और इससे जुड़ी बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी जैसे:- CCC E-mail and Advantages of E-mail (ई-मेल और ई-मेल के लाभ) के विषये में Study Material, DOEACC CCC Creating and Sending a New E-mail Study in English, CCC Replaying to an E-mail Study in Hindi और CCC DOEACC Forwarding an E-mail Message आदि के विषये में बहुत सी महत्वपूर्ण Study Material Hindi or English दोनों में और CCC DOEACC Sending Soft Copy as Attachment Study and Advanced E-mail features Study Material in Hindi and English, CCC Marking an E-mails as Spem and Internet Etiquettes Study Material in Hindi and English, आदि महत्वपूर्ण जानकारी।

DOEACC CCC Communication and Collaboration Study Material Hindi and English

DOEACC CCC Communication and Collaboration Study Material Hindi and English

CCC DOEACC सूचनाओं का आदान- प्रदान (संचार) (Communication and Collaboration) Study Material in Hindi

कम्प्यूनिकेशन (संचार का अर्थ है सूचनाओं का आदान प्रदान करना। सूचनाएँ तब तक उपयोगी नहीं हो सकती जब तक उनका आदान प्रदान न किया जाए।

आज के समय में इण्टरनेट, तीव्र गति से सूचनाएँ भेजने की सबसे लोकप्रिय व्यवस्था है। इण्टरनेट के द्वारा कम्यूनिकेशन बेहद सरल व सस्ता हो गया है। इण्टरनेट के माध्यम से सूचनाओं को कोलेबोरेट किया जा सकता है।

Communication is defined as the process of sharing ideas, information and messages with others. A good Communication encourages collaboration when two or more people or party working together to do a task or complete some work in an effective way. Today, internet has become the most efficient way for communication.

CCC ई-मेल (E-mail) Study Material Hindi and English

ई-मेल का पूर्णरूप इलेक्ट्रॉनिक मेल है। ई-मेल के माध्यम से कोई व्यक्ति विशेष या यूजरों का समूह दुनियाभर में किसी से भी सन्देशों का आदान प्रदान कर सकता है। ई-मेल, सन्देशों के आदान प्रदान हेतु एक सस्ता, तेज एवं विश्वसनीय टूल है। ई-मेल सन्देश के दो घटक होते हैं- ई-मेल एड्रेस और मैसेज।

किसी भी ई-मेल प्रदाता की वेबसाइट जैसे- Gmail, Hotmail, yahoo mail पर साइन- अप (Sign-up) करके नये ई-मेल एड्रेस को यूजर द्वारा बनाया जा सकता है, जिसका प्रयोग करके ई-मेल को क्रिएट, सेण्ड, रिसिव, फॉरवर्ड, स्टोर, प्रिण्ट और डिलीट किया जा सकता है। ई-मेल का प्रयोग करके साधारण टैक्स्ट, डॉक्यूमेंट, ग्राफिक्स, ऑडियों, वीडियों और चित्र आदि भेजे जा सकते हैं।

E-mail Stands for ‘Electronic Mail. It is a paperless method of sending massages, notes pictures and even sound files from one place to another using the internet as a medium.

It is an individual name, which is used to send and receive E-mail on the Internet. It is used to specify the source or destination of an E-mail message.

There are many services providers like G-mail, yahoo etc. on which user can create a new E-mil address by using this address, a user can send, receive, forward, store, print or delete a mail, By using E-mail, text, documents, graphics, audio, vedio, pictures etc can be send.

ई-मेल के लाभ (Advantages of E-Mail) Study Material

  1. ई-मेल सेवा के लाभ हैं, जोकि निम्नलिखित हैं-
  2. ई-मेल के माध्यम से सन्देशों के साथ-साथ उनकी दिनांक व समय को भी सुरक्षित करके रख सकते हैं।
  3. ई-मेल एड्रेस इण्टरनेट पर व्यक्ति की पहचान व वेबसाइटों पर पंजीकरण करने में अत्यन्त लाभप्रद है।
  4. ई-मेल द्वारा सन्देशों को व्यावहारिक पत्राचार की तुलना में काफी तेज गति से सम्प्रेषित किया जाता है।
  5. ई-मेल द्वारा पत्रों/सन्देशों के खोने की आशंका नगण्य होती है।
  6. ई-मेल को केवल वही यूजर पढ़, डाउनलोड व जवाब (Reply) दे सकता है, जिसे वह भेजा गया है। इसके अतिरिक्त यूजर अपने द्वारा भेजी गई तथा प्राप्त की ही मेल्स को भविष्य के लिए सुरक्षित करके भी रख सकता है।
  7. पारस्परिक डाक सेवा के बदले ई-मेल का प्रयोग करने से कागज की भी बचत होती है व ई-मेल को कागजी दस्तावेजों की तुलना में सम्भालना बेहद आसान होता है।
  8. ई-मेल का प्रयोग कहीं भी किसी भी कम्प्यूटर में लॉगइन करके किया जा सकता है।

Communication through E-mail is the most cost effective communication.

It is a quick responded communication which let a user remain satisfied.

You can keep records of email sent or received in your email account. You can retrieve the records of that in future any time.

It’s not some other communication device which you need to carry with you. Only you need to login to your email account from anywhere across the globe.

You may deep soft copy (e-copy) of your important documents attached to your email account. All of the e-mails providing companies give you sufficient space to store to store your document.

CCC ई-मेल एड्रेसिंग (E-mail Addressing) Study Material

ई-मेल भेजने और प्राप्त करने के लिए यूजर के पास ई-मेल एड्रेस का होना अत्यन्त वश्यक है। ई-मेल एड्रेस किसी ई-मेल सर्वर पर ऐसा स्थान होता है, जहाँ ई-मेल स्टोर की जाती है। इस स्थान को मेलबॉक्स भी कहा जाता है। जब यूजर किसी इण्टरनेट सेवा प्रदाता (ISP) कम्पनी से इण्टरनेट कनेक्शन खरीदता है, तो वह सामान्यतया यूजर के लिए एक मेलबॉक्स भी बना देता है और उस मेलबॉक्स का एड्रेस यूजर को दे देता है, जिसे ई-मेल एड्रेस कहा जाता है।

ई-मेल एड्रेस सामान्यतया निम्नलिखित रूप का होता है-

Username@domainname.com

यहाँ username मेलबॉक्स का नाम है। यह सामान्यतया यूजर के यूजरनेम के समान होता है, जिसके द्वारा यूजर अपने कम्प्यूटर को इण्टरनेट से जोड़ते हैं। ‘hostname’ or ‘domain name’ मेल सर्वर का नाम होता है। उदाहरण के लिए- amitkumar1100@gmail.com

कुछ वेब पोर्ट कुछ शुल्क लेकर मेलेबॉक्स की सुविधा देते हैं, जबकि कुछ वेब पोर्टल मुफ्त में मेलबॉक्स बनाने की सुविधा प्रदान करते हैं। इनमें से किसी भी वेब पोर्टल में मेलबॉक्स बनाने के लिए यूर को अपने बारे में सूचनाएँ देते हुए एक ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है और अपने यूजरनेम तथा पासवर्ड की पसन्द भी बतानी होती है। विवरण स्वीकृत होने पर वेब पोर्टल यूजर को वही यूजरनेम तथा पासवर्ड आवण्टित कर देता है और यूजर का मेलबॉक्स अपने मेल सर्वर पर बना देता हैं।

यूजर जो भी ई-मेल प्राप्त करता है, वह मेलबॉक्स में स्टोर कर दी जाती है, भले ही यूजर उसकी प्राप्ति के समय इण्टरनेट से जुड़ा हो या नहीं। यूजर उस वेब पोर्टल के होम पेज पर जाकर और अपने यूजरनेम व पासवर्ड द्वारा साइन इन (Sing in) करके अपने मेलबॉक्स को कभी भी खोल सकते हैं। जब भी यूजर को मेल भेजता है, तो मेल सर्वर उस मेल से जुड़ डोमेन नेम के मेल सर्वर को जाँचता है। उदाहरण के लि, यदि कोई व्यक्ति techtech.com पर मैसेज भेजता है तो मेल सरव्र पहले यह जाँचेगा की techtech.com पर कोई मेल सर्वर प्रतिक्रिया देता है या नहीं। यदि हाँ तो क्या यूजरनेम वैध है या नहीं। दोनों प्रश्नों के उत्तर हाँ होने पर ही मैसेज भेजा जा सकता है।

To send or receive mails, a user h as to have an E-mail address. An E-mails are stored. This place is also known as mailbox. When user buys an internet connection from any ISP (Internet Service Provider) company then normally, it provides a mailbox to the user and give its address to the user. An E-mail address is normally of the following type-

username@domainname.com

Here, username is the name of mailbox while hostname or domain name is the name of mail server. Example.

Amitkuamar1100@gmail.com

Here, amitkumar1100 is user name while gmail.com is the domain name.

When a mail is sent, the sending mail server check for another mail server on the internet that corresponds with domain name of the recipients address. For example, if someone sends a message to a user at techtech.com, the mail server will first make sure there is a mail server responding at techtech.com. if so, it will check with the mail server to see if the username is valid. If the user exists, the message will be delivered.

The format of an E-mail address is user@domain, where,

The first part (user) identifies a unique user name.

“@” separates the user from the domain, which identifies the email server. E.g.,

Some sites which provide the E-mail services are Gmail, Yahoo! Mail, Rediffamil etc.

CCC DOEACC ई-मेल क्लाइण्ट कॉन्फिगर करना (Configuring E-mail Client) Study Material in Hindi

किसी ई-मेल के अकाउण्ट को आउटलुक पर कॉन्फिगर करने के लिए निम्नलिखि स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है-

  • Open the Outlook 2007
  • Click on Tools tab.
  • Click on Account Setting option.
  • Now, click new option.
  • Enter the details which are asked (like- name, E-mail address, etc.)
  • Click on Next Button, wait till the confirmation of new account is shown.
  • Click on Finish button.

Steps to Configure E-mail Client on Outlook

CCC DOEACC ई-मेल क्लाइण्ट खोलना (Opening E-mail Client) Study Material Notes in Hindi And English

ई-मेल क्लाइण्ट को खोलने के लिए निम्न्लिखित स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है-

Click Start – All Programs – Microsoft Office – Microsoft Outlook

ई-मेल फोल्डर्स (E-mail Folders)

ये फोल्डर कुछ ऐसे विशेष फोल्डर होते हैं, जो सभी तरह के अकाउण्टस में होते हैं। ई-मेल सिस्टम के कुछ फोल्डरों के नाम है- इनबॉक्स, सेण्ट, ड्रॉफ्ट्स, जंक तथा ट्रैश। इन फोल्डरों के नाम बदले नहीं जा सकते हैं न ही इन्हें डिलीट किया (मिटाया) जा सकता है।

E-mail system folders are special folders that appear in all accounts. The e-mail system folders are Inbox, Sent, Drafts, junk and trash. These folders can’t be moved, remaned or deleted. System folders are always displayed at the top of the folder list.

आउटबुक (Outbook)

आउटबुक भी ई-मेल अकाउण्ट का हिस्सा होता है, जिसमें भेजे गए ई-मेल जो पूर्णतया डिलीवर नहीं हुए हैं को स्टोर करता है। जब ई-मेल दिए हुए ई-मेल एड्रेस पर डिलीवर हो जाता है तब वो ई-मेल इस बॉक्स से निकलकर सेण्ट बॉक्स में स्टोर हो जाता है।

Outbox is place where allthe sent data are stored until it is not fully sent. There is also a section named sent mail which contains the list of keeps the E-mail Which is pending to delivers and or not sent whereas sent box keeps the list of fully delivered E-mails.

ड्राफ्ट्स (Draffs)

ड्रॉफ्ट्र में वो ई-मेल सन्देश, जिन्हें कम्पोज तो कियया है, लेकिन भेजा नहीं जा पाता, को स्टोर करता है।

It is place where messages are composed but not sent and even not quened to be sent.

जंक (Junk)

जब फोल्डर ई-मेल अकाउण्ट का वो हिस्सा हैं, जो कोई fake या स्पैम ई-मेल जिनमें वायरस जुड़ा हो, मेलवेयर, स्पाईवेयर हो या ऐसा कुछ जो आपका कीमती डाटा को चुरा या हैक करता हो, ऐसे ई-मेल इस फोल्डर में स्टोर होते हैं। ई-मेल क्लाइण्ट एप्लीकेशन इसे स्वत: पहचान कर जंक फोल्डर में भेज देता है, ताकि आप इन चीजों से बच सकें।

It is place where fake and spam kind of mail which contain virus, malware, spyware of do stealing data kind of activity, is stored. The E-mail client application analyzes and sorts which do put in inbox and which to Junk.

इनबॉक्स (inbox)

इनबॉक्स ई-मेल अकाउण्ट में सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है जहाँ सभी प्राप्त ई-मेल देखे एवं एक्सेस किए जा सकते हैं। यह सभी प्राप्त ई-मेल को एक टेबल में दिनांक के हिसाब से व्यवस्थित करके रखता है, जिसे आसानी से कोई ई-मेल को खोजा जा सके।

Inbox is the place where all the incomi9ng E-mails are stored and can be accessed through. As the name implies of inbox, this behaves like the same. It lists the e-mail received into a relational table sorted according to the date.

CCC DOEACC एक ई-मेल अकाउट क्रिएट करना (Creating an E-mail Account) Study Material in Hindi

किसी व्यकित या संस्था को ई-मेल भेजने के ले आपके पास एक ई-मेल अकाउण्ट होना आवश्यक है। ई-मेल अकाउण्ट खोलने के ले बहुत सी फ्री वेबसाइट/वेब पोर्टल पलब्ध हैं।

www.hotmail.com. www.yahoo.com. www.gmil.com www.msn.com www.rediffmail.com

आदि इनमें प्रमुख हैं। इनमें से किसी भी वेबसाइट के द्वारा यूजर अपना रजिस्ट्रेशन एक नए यूजर की तरह करवाकर अपना ई-मेल अकाउण्ट बना सकता है।

सभी ई-मेल अकाउण्ट तैयार करने की लगभग एक ही विधि है। कुछ सुचनाएँ, जैसे नाम, जन्म तिथि, यूजर, नेम, पासवर्ड, मोबाइल नम्बर आदि सभी प्रकार के ई-मेल अकाउण्ट बना सकता है।

यहाँ  Gmail पर अकाउण्ट बनाने की विधि दी गई है

Go to any web browser and on the browser’ s address bar, type www.gmail.com’ and press Enter key. Homepage of Gmail  will be opened.

To create account, click on create an account hyperlink. By clicking on it, a registration form will be displayed.

Fill the details in the from and click Next Step.

A ’Create your public Google + profile page will be opened. If you want to make your profile on it then click on create your profile else click on No thanks

It you have clicked on create your profile then a welcome page will appear, after which click on Continue to Gmail.

After creation of Gmail account, a confirmation information will be given to the user and a webpage will appear.

नीचे gmail तथा yahoo के अकाउण्टों के फॉरमेट दिए गए हैं। इनमें इनमें सूचनाएँ भरकर अकाउण्ट बनाए जा सकते हैं।

Gmail

एड्रेस बार पर
https/www.gmail.com// लिखकर
एण्टर करें। G-mail पेज आपके स्क्रीन
पर ओपन होगा। Create an
account’ पर क्लिक करें।

Create your Google Account पेज ओपन होगा। दिए गए कॉलम में निम्नलिखित सूचनाएँ भरें-

Name ……………………………..
First ……………………… Last ……………………
Choose your Username …………….@gmail
Crate a Password ……………..
Confirm your password …………
Birthaday
Month ………… Day ………… Year………
I am …………….
Mobile Phone +91……………………
Your Current E-mail Address
……………………………………

इमेज बॉक्स के अल्फावेट एवं संख्या को भरें एवं Next ऑप्शन पर क्लिक करें।

Creating email on Yahoo!

http://www.yahoo.com एड्रेस बार
में इन्सर्ट कर yahoo होम पेज ओपन
कर सकते हैं। Mail बॉक्स
पर क्लिक करें।

Sing Up स्क्रीन पर निम्नलिखित सूचनाएँ भरें-
First Name ………………………………
Last Name……………………
Yahoo User Name    …………..  @ Yahoo.in ,@yahoo.com
Password (8-32 characters, upper and lower case and number)
Mobile No……………..
Date of Birth ………………….
Sex …………………….
Optional recovery numbers ……………………..
Relationship …………………………

Creatce Account पर क्लिक करें Yahoo पर नया अकाउण्ट बन जाएगा।

नोट- उपर्युक्त स्टेप्स का अभ्यास कर ई-मेल क्रिएट कर सकते हैं। ई-मेल अकाउण्ट खोलते समय कुछ सावधानियाँ भी बरतनी होती है जो निम्नलिखित हैं-

साईन अप ऑप्शन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर नया पेज ओपन होगा। यूजर आईडी एवं डोमेन नेम चयनित करें। यदि यूजर आईडी पहले से सर्वर पर मौजूद होगा तो दूसरा यूजर आईडी लिखो यह प्रक्रिया तब करना होगा जब तक कि सर्वर पर उपलब्ध आईडी नहीं लिख जाए।

पासवर्ड लिखें। पासवर्ड लिखने में यह सावधानी अवश्य रखो कि पासवर्ड ऐसा हो जा आपको आसानी से याद हो जाए पासवर्ड पुन: लिखे एवं अन्य ई-मेल आईडी एण्टर करे।

नीचे बाक्स में आवश्यक सूचनाएँ, जैसे- फर्स्ट नेम, लास्ट नेम, कण्ट्री नेम, स्टेट नेम इत्यादि लिखे एवं कैप्च इमेज का बाक्स में लिखे एवं एक्सेप्ट (accept)  बटन पर क्लिक करें। आपका अकाउण्ट ओपन हो जाएगा।

CCC DOEACC नई ई-मेल क्रिएट तथा सेण्ड करना (Creating and Sending a new E-mail) Study Material in Hindi and English

ई-मेल अकाउण्ट बना लेने के बाद यूजर Sing ni कर सकता है अर्थात् ई-मेल अकाउण्ट को खोल सकता है और अपनी ई-मेल को देख सकता है। इसके ले यूजर को उस वेबसाइट के Homepage पर जाना होगा, जिस पर उसका ई-मेल अकाउण्ट है। वहाँ Sign in करने के लिए एकर डायलॉग बॉक्स वेब पेज पर प्रदर्शित होगा। इसमें  E-mail टैक्स्ट बॉक्स में अपनी ई-मेल  ID  तथा Password टैक्स्ट बॉक्स में उस ई-मेल  ID का पासवर्ड डालकर Sign in बटन पर क्लि करें।

इससे यूजर का अकाउण्ट खुल जाएगा तथा एक विण्डो खुल जाएगा, जिसमें सामान्यतया पहले Inbox फोल्डर की सामग्री अर्थात, प्राप्त हुए ई-मेल सन्देशों की सूची दिखाई देगी, जिसमें दिनांक, भेजने वाले का नाम, विषय आदि सूचनाएं होती हैं। किसी सन्देश को पढ़ने के लिए कर्सर को उस सन्देश पर लाकर क्लिक करें, जहाँ माउस प्वाइण्टर हाथ के चिह्र में बदल जाता है। लॉगइन करने के बाद यूजर एक मेल Create करके अपने मित्रों तथा सम्बन्धियों (जिनका ई-मेल अकाउण्ट है) को भेज सकता है। इसके लिए पूरी प्रक्रिया निम्नलिखित है-

Open the gmail ID by signing in (Let us suppose, you have an account on gmail).

Click on Compose button.

A new Window will appear. It this window, fill all the credentials and click on send button. By doing this, the mail will be send.

If user wants to send any file (.doc, .pdf., .jpg. etc.) then the user have to click on attach files and attach the desired files.

ई-मेल (E-mail Terms)

ई-मेल में Cc (Carbon Copy), Bcc (Blind Carbon Copy) आदि के विकल्प भी उपलब्ध होते हैं। कुछ महत्वपूर्ण विकल्पों का विवरण इस प्रकार हैं-

There are some terms, used in e-mail. Some of them are described below:

To जिसे ई-मेल भेजना है उनके ई-मेल एड्रेस की एण्ट्री करते हैं।

It is the Section in which we write the receiver E-mail addresses.

CC (Carbon Copy) इस फीचर के द्वारा ई-मेल की कॉपी अर्थात् कार्बन कॉपी को अन्य रेसीपिएण्ट को भोजा जाता रहै तथा  To: रेसीपिएण्ट को यह सुचना दे दी जाती है कि इस ई-मेल की कॉपी अन्य किन किन व्यक्तियों को भेज दी गई है।

When we need to send the same E-mail message to anyone else to then we write some the other E-mail address in this section. But in this section it is known to both of the receives that it had been sent ot them too.

BCC (Blind Carbon Copy) इस फीचर में To तथा CC  रेसीपिएण्ट को यह नहीं पता होता कि BCC किन किन यूजरों को भेजी गई हैं। मेल में  CC तथा BCC दोनों विकल्पों का प्रयोग वैकल्पिक होता है।

Same as CC but it is not know to anyone that who else too has received this E-mail.

Subject  यह किसी ई-मेल मेसेज के विषय की हेडिंग होती है जो पूरे ई-मेल मेसेज के विषय को दर्शाती है। ये अनिवार्य नहीं हैं, लेकिन ये इण्टरनेट व्यवहार के अन्तर्गत आता है।

It is the header of E-mail message which concludes the entire theme of the E-mail. It is optional to write but we must write a subject for an E-mail comes under netiquette.

Send इस बटन कमाण्ड की मदद से हम किसी ई-मेल को भेज सकते हैं।

It is the command used to send an E-mail message finally.

CCC ई-मेल का जवाब देना (Replying to an E-Mail) Study Material in Hindi

कई बार यूजर को आई हुई मेल का जवाब देना होता है इसके लिए प्रक्रिया निम्नलिखित हैं-

When the message is selected but not opened in its own window. On the Standard toolbar, click Reply.

When the message is open and I see the contents, On the message tab, in the Respond group, click Reply.

Compose your message, to add an attachment, see Attach a file or other item to an E-mail message.

Click Send.

ई-मेल को फॉर्वर्ड करना (Forwarding an E-mail Message)

किसी आई हुई ई-मेल को किसी अन्य यूजर को भेजना ही ई-मेल फॉरवर्डिग कहलाता है। ई-मेल को फॉरवर्ड करने के लिए निम्नलिखित चरणों का अनुसरण किया जाता है-

When the message is selected but not opened in its own window, on the Standard toolbar, click Forward.

Compose Your message.

Enter recipient names in the To Box, click the to, CC or BCC Button if want to send any else too.

Click Send.

ई-मेल सोर्ट तथा सर्च करना (Sorting and Searching E-Mails)

सर्च टैक्स्ट बॉक्स की  सहायता से की भी मेल जैसे सेण्ड मेल इनबॉक्स मेल या फिर ऑल मेल में कोई भी मेल को सर्च करने के लिए उसके सेण्डर नेम, सब्जेक्ट के आधार पर उस मेल को आसानी से ढूँढा जा सकता है। डेटा या सेण्डर के आधार पर मेल को व्यवस्थित होती हैं। ई-मेल मैसेजों को सोर्ट करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है-

Go to Setting button.

Click on Inbox tab.

From Inbox type list box, choose any option from the given options (Default, Important First, Unread First, Shared First or Priority First) according to your need.

Check on search button. All the mails related to that information will be searched and appeared on the screen in form of a list.

DOEACC ई-मेल के एडवान्स फीचर्स (Advanced E-mail Features) Study Material in Hindi

ई-मेल में मेल भेजने, पढ़ने आदि के अतिरिक्त भी कई विशेष अग्रित विशेषताएँ होती है, जैंसे स्पेस चेक, कलेण्डर, थीम आदि।

There in number of advance Features of using E-mail like Attachments, Spelling checker, Using contacts from address box, Handling junk & spam, using calendar, Using theme, Using signature and Vacation responder itc.

कैलेण्डर (Calender)

इसका उपयोग आप अपने लिए इवेण्ट मैनेजर के रूप में या मोबाइल फोन के सिडूलर के रूप में प्रयोग करते हैं।

Calender activation is like a scheduler daily remind about any pre schedule event on given date.

थीम (Theme)

आप अपने ई-मेल पर थी लगा सकते हैं, जिससे आप ई-मेल आकर्षक दिखेगा। इसके लिए आप सेटिंग से थीम (जीमेल में) टैब से सेट कर सकते हैं।

It the setting command/ tool theme by clicking command and chose the colour and other HD theme and add.

सिग्नेचर (Signature)

सिग्नेचर, आप का नाम, पद, संस्था का नाम, पता, फोन आदि आप यदि सिग्नेचर में डाल दे तो प्रत्येक भेजी जाने वाली मेल (Sending Mail) में यह स्वत: ही लग जाएगी। इसको लगाने के लिए सेटिंग के जनरल टैब (जीमेल में) सिग्लेचर ऐड कर सकते हैं ।

It setting general tab having signature and vacation section if required choose the signature radio button and insert the signature information.

वेकेशन रिस्पॉण्डर/आउट ऑफ ऑफिस अस्सिटेण्ट (Vacation Responder/Out of Office Assistant)

यह एक प्रकार रिस्पॉण्डर होता है जैसे एसएमएस में डिलेवरी रिपोर्ट एक्टिवेट करने पर मैसेज पहुँचने की सूचना मिल जाती है, उसी प्रकार यदि आप अपने ई-मेल में वैकेशन रिस्पॉण्डर ऑन कर दें तो आपके पास आने वाली मेल आईडी पर आपके ई-मेल से एक मैसेज स्वत: ही डिलेवरी की सूचना लेकर चला जायेगा। यह मैसेज वैकेशन रिस्पॉण्डर में लिखा गया मैसेज होगा जो सभी के कॉमन होता है।

This is a type of delivery report send the receiving of the sending mail if recipient mail setting on the vacation mail option. It is kind of a responder like sms responders. The user has to ON his vecation responder and then it will send a delivery report to the sender.

सिक्योरिटी (Secuity)

ई-मेल का एक एडवांस फीचर जिससे एक यूजर अपने अकाउण्ट की सिक्यूरिटी मेण्टेन कर सकता है, जेसे – पासवर्ड बदलना, पासवर्ड भूलने की स्थिति में उसे रिकवर का पुन: ई-मेल अकाउण्ट एक्सेस करना इत्यादि।

It setting, account and import tab. By selecting change password or recovery password option it can be change and modify.

वर्ड काउण्ट (Word Count)

वर्ड काउण्ट एक ऐसा फीचर है, जिसके माध्यम से हम ई-मेल मेसेज में कितने शब्द का इस्तेमाल किया गया है कि जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

This very feature in email composing or reading, you may know how many words are there in the E-mail message body comes under proofing  group.

CCC DOEACC स्पैल चैक एक्टिवेट करना (Activating Spell Check) Study Material Notes in English

किसी डॉक्यूमेण्ट को भेजने से पहले उसकी स्पेस चैंकिग करना अत्यन्त महत्वपूर्ण है स्पेल चैक को एक्टिवेट करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है-

Go to compose button and create a massage in body box.

Click on more options button, a menu button will be opened. Now click on check spelling option. All spelling will be checked.

Goto Tools Manu, and

Check Options – Spelling Tab in the Dialog.

Click the checkbox Always check spelling before sending

Click Apply and then OK button.

एड्रेस बुक प्रयोग करना (Using the Address Book)

जिन लोगों को ई-मेल भेजा जाता है उनके नाम एवं ई-मेल एड्रेसेज को स्टोर करने के ले एड्रेस बुक का प्रयोग किया जाता है। मैसेज विण्डो में एड्रेस बुक को ओपन करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है-

Create a Now Message after going to compose button.

Click on the Option To : A Select Contacts will add to the Contacts To line

सॉफ्टकॉपी को एटैच करके भेजना (Sending soft copy as Attachment)

आप कोई डॉक्यूमेण्ट या उसकी कोई सॉफ्टकॉपी ई-मेल के माध्यम से किसी को बी भेज सकते हैं, जिसके लिए आपको – मेल में वो सॉफ्टकॉपी अटैच करनी पड़ेगी।

निम्नलिखित स्टेप्स से ई-मेल एटैचमेण्ट भेजी जा सकती है-

Compose a new message.

To attach a soft copy go to attach files and click on it. Open dialog box will appear.

Select the file you want to attach and click on Open button.

It will attach the file in E-mail body and then click send button.

CCC स्पै

म हैण्डल करना (Handling Spams) Study Material in English

स्पैम, अवंधित ई-मेल मैसेज होते हैं, जो प्राय: व्यापारिक सामग्री के साथ बहुत बड़ी संख्या में रेसीपिएण्ट को भेजे जाते हैं। G-Mail में स्पैम कको हैण्डल करने के लिए एक स्पैम फोल्डर होता है। G-mail सभी स्मैम फोल्डर में स्थानान्तरित कर देता है। स्पैम फोल्डर G-mail विण्डो के बाई ओर प्रदर्शित होता है। यदि स्पैम फोल्डर G-mail विण्डो के बाई ओर प्रदर्शित नहीं होता तो G-mail अकाउण्ट की सैटिंग्स में बदलाव करन की आवश्यकता होती है। निम्नलिखित स्टेप्स के दावार अकाउण्ट की सैटिंग्स में बदलाव किया जा सकाता है-

Go to setting in the left pane of window

Click on the labels tab.

Now, click on the show rediobutton in front of spam

किसी ई-मेल को स्पैम मार्क करना (Marking an E-mails as spam)

यदि आप अपने inbox में वो – मेल प्राप्त करते रहो, जो वास्तव में Spam  है तो आपको  Report Spam बटन पर क्लिक करने की आवश्य़कता है जिससे ई-मेल, Spam फोल्डर में स्थानान्तरिक हो जाएगी।

It user receives spam mails in the inbox, then to stop then just click on the report spam button and the spam mails will be directly sent to spam folder.

DOEACC स्पोम फोल्डर चेक करना (Checking Spam Folder) Notes Hindi and English

कुछ दिनों के अन्तराल पर आपको अपना (Spam) फोल्डर चैक करते रहना चाहिए। जिससे यह सुनिश्चित होता है कि जरूरी ई-मेल गलती से (Spam) की तरह निर्धारित तो नहीं हो गई। यदि (Spam) फोल्डर की सभी ई-मेल स्पैम हों तो आप इन्हें बिना डिलीट करे छोड़ सकते हैं, क्योकि ( G-mail) स्वत: ही 30 दिनों में ( Spam)  को डिलीट कर देता हैं फिर अभी यदि आप स्वयं ई-मेल को डिलीट करना चाहते हों तो (Delete Forever)  बटन पर क्लिक करें।

इन्स्टैण्ट मैसेजिंग तथा कोलेबरेशन ( Instant Messaging and Collaboration)

इन्स्टैण्ट मैसेजिंग का तात्पर्य है तात्कालिक सन्देश अर्थात् जैसे ही यूजर किसी को की सन्देश देता है, वह सेकण्डों में हीउस तक पहुँच जाता है। चाहे दूरी हजारों मील की ही क्यों न हो और यह इण्टरनेट से ही सम्भव हो पाया है।

एक इण्टरनेट कनेक्शन के माध्यम से यूजर अपने दोस्तों एवं पूरे विश्व में बिजनेस पार्टनर्स के साथ कोलाबोरेट कर सकता है। कोलेबरेशन (सहयोग), प्रभावकारी कम्यूनिकेशन के माध्यम से सम्भव होता है एवं प्रभावकारी कम्प्यूनिकेशन के माध्यम से सम्भव होता है एवं प्रभावकारी कम्यूनिकेशन के माध्यम से सम्भव होता है एवं प्रभावकारी कम्प्यूनिकेशन हमेशा टू-वे (Two-way) प्रोसेस होता है।

Instant messaging also known as IM, is a form of written Communication the allows user to send messages from one computer to another. The message appears immediately on the screen of the computer on which the message is send.

Through IM, collaboration can be made easily between two or more computers. Collaboration is only possible with the help of influential communication and influential communication is always a two way process.

स्मालीज प्रयोग करना (Using Smilyes)

टैक्स्ट कम्प्युनिकेशन के तहत स्माइली का प्रयोग अक्सर भावनात्मक अभिव्यक्ति के लिए किया जाता है। जिस प्रकार से हम आमने सामने की बातचीत में चेहरे के हाव भाव से एवं दूरभाष के माध्यम से होने वाले वार्तालाप में ध्वनि के उतार चढ़ाव के जरिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं, ठीक उसी प्रकार से टैक्स्ट मैसेजेज में स्माइलीज का प्रयोग किया जाता है।

एक स्माइली बनाने के लिए स्टैण्डर्ड की बोर्ड के कैरेक्टर्स और पंक्चुएशन मार्क्स का ही प्रयोग किया जाता है। स्माइलीज का प्रयोग प्राय: चैट रूम्स, गेम्स रूम्स, ई-मेल और इन्स्टैण्ट मैसेजिंग में किया जाता है। स्माइलीज को इमोटिकॉन भी कहा जाता है। अधिकतर प्रयोग होने वाले स्माइलीज एवं उनके संकेत निम्नलिखित हैं-

खुश (Happy) 🙂
दु:खी (Sad) 🙁
निराश Disappointed :-e
हँसाना (Laughing) 😀
पलके झपकना (Wink) 🙂
पागल (Med) >:-<
उदासीन (insensitive) :-।
चिल्लाना (Shout) :-@
आश्चर्यचकित (Surprised) :-O

Smileys in text communication, are used to express emotions. This is the reason why they are also called emoticons. We use text messaging to communicate with many different types of people, these smiles play a special role in showing different emotions to them. They convey those emotions which are difficult to sum up in words.

To Create various smileys, different key combinations are used. Normally smileys are used in chat rooms, game rooms, E-mails, instant messaging etc. some of the key combinations for creating smileys are given below-

DOEACC CCC इण्टरनेट एटिकेट्स (Internet Etiquettes) Study Material Hindi and English

एटिकेट्स (Etiquettes) सही व्यवहार के लिए बनाए गए नियमों के समूह होते हैं, जिसके आधार पर लोगों के बीच आपसी संव्यवहार की प्रक्रिया का आकलन किया जाता है कि कौन व्यावहारिक है और कौन अव्यवहारिक उसी प्रकार से इण्टरनेट पर किए जाने वाले सही व्यवहार के लिए जो नियम गठिदत किए जाते उसे नेटिकेट्स (Netiquettes) कहते हैं। नेटिकेट्स, इण्टरनेट को संचार के पारम्परिक रूप जैसे – टेलीफोन कन्वर्सेशन, फेस- टू- फेस मीटिंग्स, पेपर बेस्ड लेटर्स आदि से पृथक् कहते हैं।

Etiquettes are the customary code of polite behavior in society or among members of a particular group. While the rules of etiquette that networking sites are different from those applying when communication in person or by audio or video phone calls. These rules are called Netiquettes. Netiquettes are social codes of network communication.

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