Answers to RTET REET Model Sample Questions Answer Paper Hindi Page 2
11. बालक की वह अवस्था जिसमे उसका खेलकूद सम्बन्धी रूचि के प्रति अधिकतम विकास होता है
- प्राथमिक बाल्यवस्था
- पूर्व-किशोरावस्था
- प्रारम्भिक-किशोरावस्था
- अंतिम-किशोरावस्था
12. भय संवेग तथा क्रोध में निकटतम सम्बन्ध है”- इस तथ्य की उपयुक्त व्याख्या की उपयुक्त व्याख्या निम्न में से किसके द्वारा की जा सकती है ?
- दोनों के अन्तार्निर्हित कारको में समानता द्वारा
- क्रोध से उत्पन्न अनुबन्धं द्वारा
- दू:ख की समरूप भावना द्वारा
- दोनों में समरूपता द्वारा
13. करीब 11 वर्ष की उम्र में बालको में निम्न में से किस क्षेत्र में लैंगिक परिवर्तन मुखर होने लगते है ?
- शारीरिक शक्ति के क्षेत्र में
- उत्तम मांसपेशिय समन्वयन के क्षेत्र में
- व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में
- बौद्धिक विकास के क्षेत्र में
14. एक बालक के व्यवहार पर निम्न में से कौन-सा व्यवहार न्यूनतम प्रभाव डालता है ?
- वातावरण सम्बन्धी शक्तियाँ
- ग्रन्थिय असन्तुलन
- व्यक्ति की आवश्यकताओ की असन्तुष्टि
- मुल्प्रव्रत्तिया
15. शिशुओ के व्यवहार में जो सम्पूर्ण गति प्रकट होती है उसकी व्याख्या निम्न में से किस आधार पर की जा सकती है ?
- शिशु के उच्चतम उत्तेजना के आधार पर
- शिशु के केन्द्रिय स्नायु तन्त्रिका विकास के आधार पर
- शिशु में विधमान अधिकतम उर्जा शक्ति के आधार पर
- शिशु के मस्तिष्क में निम्नतम विभेदनशीलता के आधार पर
16. निम्न में से वह कथन जो शिशु के व्यवहार को प्रदर्शित करता है
- विभेदनशीलता
- सामान्यीकरण
- जन्मजातगुण
- एकात्मक
17. बालको के शारीरिक आकर में वृद्धि प्राय: निम्नलिखत सभी कारको से प्रभावित होती है किन्तु वर्तमान शोध अद्द्यनो ने निम्नलिखित कारको को अमान्य घोषित किया है
- सामाजिक आर्थिक स्तर
- युद्ध एवं उनसे उत्पन्न विभीषिकाए
- मानसिक आयु
- मांसपेशिय समंजन
18. प्रारम्भिक बाल्यवस्था के सम्बन्ध में वह कथन जो वातावरण सम्बन्धी प्रभावों के विषय में सत्य है ?
- जन्म होने तक वातावरण का प्रभाव बालक पर नही पड़ता है
- वातावरण सम्बन्धी कारक गर्भस्थ शिशु के विकास को प्रभावित नही कर सकते है
- बालक का प्राकृतिक व्यवहार उस समय तक रूपान्तरित नही किया जा सकता है, जब की बालक में शिक्षण द्वारा सिखने का विवेक उत्पन्न नही हो पाता है
- जो भी परिवर्तन बालक के अनुवांशिकता में किये जा सकते है वे बालक के वंशानुक्रम प्रतिमानों से सम्बन्धित होते है
19.शिशु विकास के सन्दर्भ में वैयक्तिकता का तात्पर्य है
- विभिन्न सामाजिक नियमो के मती विभेद करना
- शिशुओ के क्रियाकलापों की पूर्व क्रियाकलाओ से तुलनात्मक स्तिथि ज्ञात करना
- शिशु द्वारा पारिवारिक नियमो का विरोध करना
- शिशु में विशिष्ट योग्यताओ का विकास
20. बालको में पूर्व-बाल्यवस्था सम्बन्धी जो व्यवहार प्रकट होता है, वह है
- मुल्प्रव्रत्यात्म्क
- स्थानीय पर्तिवृत
- यादुछिकृत क्रियाए
- सम्पूर्ण शरीर से क्रियाएं
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