51. उच्च प्राथमिक स्तर पर व्याकरण शिक्षण की उपयुक्त विधि प्रणाली है
- सूत्र प्रणाली
- भाषा संसर्ग प्रणाली
- आगमन प्रणाली
- समवाय प्रणाली
52. हिन्दी मार्तभाषा विषय में उसकी वास्तविक विषय वस्तु होती है
- वैचारिक अनुशीलन
- भाषा तात्विक अनुशीलन
- पाठ का विशिष्ट स्थल
- जीवन-म्रत्यु
53. कहानी शिक्षण में बरतनी जाने वाली सावधानी है
- कथावस्तु बालको के स्त्रानुकुल हो
- उसे गतिशीलता और क्रमबद्धता हो
- कथावस्तु में भयानक और वीभत्स द्रश्य न हो
- ये सभी
54. एक भाषा शिक्षण के रूप में सबसे बड़ी चुनौती है
- बहुभाषिक कक्षा के शिक्षण के लिए उचित रणनीतियां तय करना
- बच्चो को भाषा सिखने के महत्त्व से परिचित करना
- बच्चो की भाषा को संचार साधनों के प्रभाव से मुक्त रखना
- भाषा-संसाधनो का आभाव है
55. नैदानिक तथा उपचारात्मक शिक्षण की प्रक्रिया कब तक चलती रहनी चाहिये ?
- जब तक छात्र चाहे
- जब तक अध्यापक चाहे
- जब तक विधालय में समय मिले
- जब तक छात्रों की कमजोरी दूर न हो
56. निम्न में से गृहकार्य की क्या उपयोगिता है ?
- स्वाध्याय करने का अभ्यास
- स्वचिन्तन, मनन करने की शक्ति का विकास
- अतिरिक्त समय का सदुपयोग
- ये सभी
57. निम्न में से कौन-सी व्याकरण शिक्षण की प्राचीन एवं परम्परागत शिक्षण विधि है ?
- निगमन विधि
- आगमन विधि
- भाषा संसर्ग विधि
- प्रयोग प्रणाली
58. भाषा शिक्षण के दौरान छात्र शुद्धतापूर्वक तभी लिख सकते है
- जब अपनी त्रुटियों का ज्ञान हो
- उन त्रुटियों से अभिभावकों को परिचित कराया जाये
- जब छात्रों को दण्डित किया जाये
- जब शिक्षक उन त्रुटियों को सुधरने दे
59.प्राथमिक स्तर पर आप किस तरह का बाल-साहित्य उचित समझते है ?
- केवल कहानियाँ
- ऐसा साहित्य जो परसिद्ध साहित्यकारों द्वारा लिखा गया हो
- ऐसा साहित्य जिसमे शब्दों और घटनाओ का दोहराव हो
- केवल कविताये
60. रचनात्मक लेखन की कौन-सी विधा अर्थग्रहण करने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है ?
- निबन्ध
- उपठित
- कहानी
- पद्ध
Ans to CTET Hindi Bhasha Paper 2 Level 2 Upper Primary Level Questions
- 3
- 2
- 4
- 1
- 4
- 4
- 1
- 1
- 3
- 4
