M1 R4 Windows Vista Operating System Study Material Notes in Hindi

M1 R4 Windows Vista Operating System Study Material Notes in Hindi

M1 R4 Windows Vista Operating System Study Material Notes in Hindi

M1 R4 Windows Vista Operating System Study Material Notes in Hindi : इस पोस्ट में आपकों मिलेगीं विंडोज़ विस्टा ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows Vista Operating System) से जड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कमांड प्रॉम्प्ट (Command Prompt) Study Material Notes in Hindi , (मेक डायरेक्ट्री) Study Material Notes in Hindi, M1 R4 डिवाइस ड्राइवर्स (Device Drivers) Study Material in Hindi विंडोज विस्टा की प्रमुख विशेषताएं और बहुत सी जानकारी

M1 R4 Windows Vista Operating System Study Material Notes in Hindi
M1 R4 Windows Vista Operating System Study Material Notes in Hindi

विंडोज़ विस्टा ऑपरेटिंग सिस्टम (M1 R4 Windows Vista Operating System Study Material Notes in Hindi)

विंडोज विस्टा विंडोज  XP  की अपेक्षा अधिक ऐडवास्ड एवं मजबूत ऑपरेटिंग सिस्टम है, इसमें नया प्ग्राफिकल यूजर इटरफेस है जो सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करता है।

विडोज विस्टा की प्रमुछ विशेषताएं

विंडोज विस्ता में कई विशेषताएं होती है। इनमें से कुछ नीचे दी जा रही हैं।

  • विंडोज ऐरों (Aero): एक रीडिजाइन किया गया GuI  जो बेहतर काम करने के साथ रसाथ देखने में भा बेहतर है
  • विंडोज शेस: विंडोज OS का एकदम नया तरीका जिसमें ऑर्गनाजेशन, नेविगेशन एवनं सर्च की क्षमताओं की एक नई रेंज है, एक बादला हुआ स्टार्ट है एक विंडोज ऐक्सप्लोरर टास्क पेन अनुपस्थित है।
  • इंस्टैंट सर्च: यह अन्य विंडोज़ SO से अधिक परिश्रमी है।
  • विंडोज साइड बार: एक नया साइड पैनल जिसमेंम यूजर दवारा सिलेक्ट किए गए गैजेट्स होते हैं इससे कई छोटे ऐप्पलेट्स को मौसम, समाचार आदि के लिए डेस्कटॉप पर डिस्प्ले रन एवं कंट्रोल किया जा सकता है।
  • इंटरनेट ऐक्सप्लोरर 7: यह एक उन्नत वेब ब्राउजर है जो अधिक सुरक्षित एवं इसमें एक टैब्ड इंटरफेस होती है।
  • विंडोज मीडिया प्लेयर 11: यहाँ काफी काम फिर से हुआ है जिसमें मीडिया लाइब्रेरी, फोटो डिस्प्ले, ऑर्दनाइज़ेशनि, सर्च ऐज यू टाइप की क्षमता एवं म्यूज़िक शेयरिंग आदि नए इंटरफेस होते है।
  • विंडोज डिफेंडर एवं फायर वॉल: ऐडवांस्ड एंटी स्पाईवेयर एवं टू वे फायवॉल दोनों को अब ऑपरेटिंग सिस्टम में शामिल कर लिया गया है।
  • विंडोज मेल: यह आउटलुक ऐक्सप्रेस के लिए रिप्लेसमेंट हैं और यह बेहतर स्थायित्व, रीयल टाइम सर्च, जंक मेल फिल्टरिंग एवं एंटीफिशिंग की सुविधा प्रदान करता है।
  • विंडोज़ कैलेंडर: एक नया पूरे सिस्टम का कैलेंडर तथा टास्क मैनेजमेंट टूल है।
  • रेडी बूस्ट: एक अस्साई पर्फार्मेंस बूस्टर जो डिस्क कैचिंग के लिए गकोई भी उपलब्ध फ्लैश मेमोरी का इस्तेमाल कर लेता है।
  • रैडी ड्राइव: PC को हाइब्रिड ड्राइव (जो एक नॉन वोलाटाइल फ्लैश मेमोरी को पारंपरिक हार्ड ड्राइव के साथ जोड़ती है) के साथ तेजी से बूस्ट करने, तेजी से हाइबरनेट करने एवं बैटरी पॉवर को बचाकर रखने में मदद करती है।
  • विंडोज स्लाइड शो: विंडोज मोबाइल डिवाइसिस एवं लैपटॉप पर अतिरिक्त डिस्प्ले की अनुमति देता है।
  • विंडोज डीवीजी मेकर: एक नैचुरल कंपैनियम प्रोग्राम हैं जिससे डीवीडी बनाने में मदद मिलती है।
  • विंडोज मूवी मेकर: वीडियों डीवीडी बनाने में मदद करता है।
  • विंडोज मीडिया सेंटर: पहले X{ का एक वर्ज़न था (विडोज़ XP  मीडिया सेंटर), अब यह विस्टा होंम प्रीमियम एवं अल्टिमेट एडीशन्स (Editions) का हिस्सा है।
  • बैकअप एवं रिस्टोर सेंटर: डाटा बैकअप के लिए (संपूर्ण, कभी कभी, इंक्रीमेंटल या केवल परिवर्तन) एवुं उन्हें वापस पाने के लिए।
  • नेटवर्क सेंटर: नेटवर्किग, नेटवर्क मैपिंग एवं पीसी के लिए ट्रबल शूटिंग को आसान बनाता है। सिंगल इंटरफेस के साथ घरों एवं व्यवसायों के सैटअप में इस्तेमाल होने वाली डिवाइसिस के प्रयोग को भी आसान बनाता है।
  • सुपर फेच (Super Fatch): अक्सर इस्तेमाल होने वाली फाइल्स एवं प्रोग्रामों को मेमोरी में स्टोर करके तेजी से लोड होने में सक्षम बनाता है।
  • डायरेक्ट X 10: गेमिंग एवं मल्टीमीडिया के लिए सबसे आधनिक मल्टीमीडिया ऐप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस 3डी ग्राफिक्स को बढ़ाना जिससे गेमिंग में प्रगति हो एवं क्षमताओं में वृद्धि हो।

M1 R4 कमांड प्रॉम्प्ट (Command Prompt) Study Material Notes in Hindi

माइक्रोसॉफ्ट  OS के लिए  MS डॉस एक  So है जिसमें एक कमांड लाइन इंटरफेस होती है जो  PC पर इस्तेमाल की जा सकती है। आप MS डॉस कमांड्स को एक कमांड प्रॉम्प्ट विंडो का प्रयोग करके टाइप करते हैं।  MS  डॉस कमांड एक एंट्रीपॉइंट पर टाइप किए जाते हैं। जो ब्लिंकिग कर्सर (Blinking Cursor) से पहचाना जाता है।

OS से कमांड पाने के लिए हम निम्न कार्य करते हैं:

कमांड प्रॉम्प्ट खोलने के लिए, स्टार्ट मेन्यू पर क्लिक करो, ऑल प्रोग्राम्स को हाई लाइट करो, ऐक्सेसरीज को चुनो, इसके बाद कमांड प्राम्प्ट पर क्लिक कोर। अब आप डॉस कमांड्स के साथ काम कर सकते हैं। कुछ कमांड्स का आगे वर्णन किया गया है।

M1 R4 DIR कमांड Study Material Notes in Hindi

डिस्क में जो फाइल्स होती हैं उन्हें देखने के लिए dir कमांड का प्रयोग किया जाता है। डायरेक्ट्री को देखने के लिए डॉस प्राम्प्ट पर टाइप किया जाता है:

C:\>dir (Enter)

यह आपके डिस्क ड्राइव की मेन डायरेक्ट्री अर्थात रूट डायरेक्ट्री जैसे C:\ की सभी फाइल्स एवं डायरेक्ट्रीज़ की सूची प्रदर्शित करेगा।

उदाहरण 1:

एक बार में क ही स्क्रीन की सूचना प्रदर्शित करने के लिए कमांड प्रॉम्प्ट पर निम्न टाइप करों:

Dir/p (Enter)

आपके मॉनीटर पर एक स्क्रीन की सूचना प्रदर्शित होगी। स्क्रीन के नीचे आपकों निम्न मैसेज दिखाई देगा

Press any key to continue…..

अत: सूचना की अगली स्क्रीन देखने के लिए, अपने कीबोर्ड किसी भी key को दबाओं। इसे स्टेप को तब तक दोहराते रहा जब तक मॉनीटर स्क्रीन के नीचे प्रॉम्प्ट दिखाई देने लगे।

फाइल्स की एक सूची को चौड़ाई में या चौड़े फॉर्मेट में देखने के लिए कमांड प्रॉम्प्ट पर यह टाइप करो:

Dir/w (Enter)

डायरेक्ट्री की सूची दिखाई देगी जिसमें फाइल्स के नाम स्क्रीन चौड़ाई में दिखेंगे।

चौड़ाई वाले ऑप्शन में केवल फाइल नामों की ही सूची होती है। फाइल्स के साइज़ और फाइल्स के बनने की तारीख एवं समय इससे नहीं दिखाई देता है।

आप /p  और  /w  ऑप्शन को एक साथ भी  dir कमांड के साथ टाइप कर सकते हैं।

Dir/w/p ( Enter)

छिपी हुई फाइल्स को प्रदर्शित करने के लिए टाइप करें:

C:\dir>\h (Enter)

सिस्टम फाइल्स को प्रदर्शित करने के लिए टाइप करें:

C:\dir\s (Enter)

आप किसी अन्य डायरेक्ट्री या सबडायरेक्ट्री की फाइल्स भी प्रदर्शित कर सकते हैं। इसके लिए आपकों  DIR कमांड के बाद डायरेक्ट्री का पूरा पाथ बताना होगा। उदाहरण के लिए करेंट डायरेक्ट्री या रूट डायरेक्ट्री से  <Dos>  डायरेक्ट्री में उपस्थित फाइल्स की सूची को प्रदर्शित करने के लिए यह टाइप करो:

C:\>dir\dos (Enter)  या  C:\>dir dos (Enter)

ड्राइव  A  की डायरेक्ट्री लिस्टिंग प्रदर्शित करने के लिए, कमांड प्रॉम्प्ट पर यह टाइप करो:

C:\dir a: (Enter)

M1 R4 MD (मेक डायरेक्ट्री) Study Material Notes in Hindi

यह कमांड़ हार्ड डिस्क अथवा फ्लॉपी डिस्क में नई डायरेक्ट्री बनाता है। इसका सिटैक्ट ( Syntx))  है:

MD drive:\path directory या MKDIR drive:\path directory

MD कमांड में सबडायरेक्ट्र के नाम की जरूरत पड़ती है जिसे पकों कमांड में लिखना जरूरी है। यदि सबडायरेक्ट्री से पहले एक बैकस्लेश आता है तो रूट डायरेक्ट्री से एक लेवल नीचे यह नई डायरेक्ट्री नेगी। लेकन अगर नाम के पहले एक स्पेस आता है तो यह करेट सबडारेक्ट्री से एक लेवल नीचे बनेगी।

यदि आप किसी बनी हुई सब डायरेक्ट्री का पाथ भी शामिल करते हैं तो नई सबडायरेक्ट्री दिए गे पाथ से एक लेवल नीचे बनेगी। और यदि आप ड्राइव अक्षर का ही प्रयोग करते हैं तो सबडायरेक्ट्री उसी ड्राइव पर बनेगी।

उदाहरण 2 :

MD\TEXT (Enter)

इस कमांड से  TEXT  नाम की सबडायरेक्ट्री, रूट डायरेक्ट्री से एक लेवल नीचे बनती है।

C:\>MD\DATA\TEXT (Enter)

यह कमांड TEXT नामक सबडायरेक्ट्री को DATA नामक सबडायरेक्ट्री के एक लेवल नीचे बनाएगा (यदि DATA सबडायरेक्ट्री पहले से बनी है)

RD या RMDIR  (रिमूव डायरेक्ट्री) कमांड

यह कमांड खाली सबडायरेक्ट्री को हटाता है। इस कमांड का सिटैक्ट है:

RD drive:\path\subdirectory

RMDIR drive:\path\subdirectory

RD कमांड के लिए यह जरूरी है कि आप उसे सबडायरेक्ट्री का नाम बताएँ जिसमें कोई भी फाइल नहीं है। आप करेंट सबडायरेक्ट्री को नहीं हटा सकते हैं। यदिवह सबडायरेक्ट्री जिसे आप हटाना चाहते हैं, किसी अलग ड्राइव पर स्थित हो अथवा अन्य सबडायरेक्ट्रीज से नीचे स्थित हो तो आपकों कमांड लाइन में उस अनचाही डायरेक्ट्री का पूरा सबडायरेक्ट्री पाथ शामिल करना होगा।

M1 R4 PATH (पाथ) Study Material Notes in Hindi

यह कमांड सबडायरेक्ट्री के पाथ को बताता है जहाँ डॉस, ऐक्जीक्यूटेबल प्रोग्राम फाइल्स को ढूँढता है। इसका सिटैक्स है:

PATH drive:\path:drive:\path……

यदि पैरामीटर के बिना पाथ कमांड का प्रयोग किया गया तो यह कमांड सर्च पाथ को ही दिखाएगा। यदि आप सर्च पाथ को बनाना या बदलना चाहते हैं तो PATH  के बाद ही उन ड्राइव और सबडायरेक्ट्रीज की लिस्ट आनी चाहिए जहां आप चाहते हैं कि DOS  प्रोग्राम फाइल्स को ढूँढे। ड्राइव अक्षर के बाद कोलन (:) अवश्य आना चाहिए। सबडायरेक्ट्री नामों के पहले (\) बैक स्लैश अवश्य आना चाहिए।

यदि आप एक ड्राइव अक्षर शामिल नहीं करते हैं तो डॉस यह मान लेगा कि सबडायरेक्ट्री करेंट ड्राइव पर ही है। अन्यथा यह हमेशा बताई गई ड्राइव पर ही सबडायरेक्ट्री को खोजेगा। पूरे  PATH कमांड में 127 तक कैरेंक्टर शामिल किए जा सकते हैं।

M1 R4 रेम (REM)  Study Material Notes in Hindi

यह  REM  कमांड आपकों फाइल में रिमार्क्स डालने की अनुमति देता है जो यह बताता है कि फाइल क्या करती है।

RAM का अर्थ है यह लाइन एक नॉन ऐक्जीक्यूटेबल स्ट्रिंग है, जो एक बैच फाइल में वर्णनात्मक रिमार्क्स देने के लिए इस्तेमाल होता है। इसका सिटैक्स है:

REM. String

जो लाइने REM से शुरू होती है, वो स्क्रीन पर तभी प्रदर्शित होगीं जब ECHO, को ON पर सैट किया जाएगा। अन्यथा इन्हें डॉस द्वारा अनदेखा कर दिया जाता है।

उदाहरण

निम्न लिस्टिंग एक बैच फाइल दिखाती है जो सामान्य रूप से रन करती है, लेकिन इसमें शामिल रिमार्क्स, उसके लिए ही उपलब्ध होते हैं जो फाइल को टेक्स्ट एडीटर के प्रयोग से अथवा  TYPE  कमांड के प्रयोग से पढ़ता है

@ECHO OFF

Rem** This  Batch file deletes BAK files, up what ‘ s left

Rem** requires a path name on the command line,

Rem** otherwise uses the root directory.

IF EXTST C:%1\*. BAK DEL C:%1\*.BAK

Ram** If a second parameter is included on the command line,

Ram** It must be a valid parameter used by the XCOPY command:

XCOPY  C:%1\ *.* A:\M\S%2

M1R4 लाइनक्स (LINUX) ऑपरेटिंग सिस्टम Study Material Notes in Hindi

लाइनक्स का परिचय

लाइनक्स एक मल्टीयूज़र, मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे लाइनस बेनेडिक्ट टोरवेल्ड्स के द्वारा 1991 में पहली बार विकसित किया गया था। यह 32 बिट का एक  OS होता है। यह इंटेल, स्पार्क एल्फा आदि अलग अलग पलैटफार्म्स पर कार्य करता है। इसे यूनिक्स नहीं कहा जा सकता है क्योंकि यूनिकिस  ATXT  का रजिस्टर्ड ट्रेड-मार्क उत्पाद है। लाइनक्स को एक फ्री सॉफ्टवेयर के रूप में, एक फ्री सॉफ्टवेयर लाइसेंस के अंतर्गत जिसे  GNU जनरल पब्लिक लाइसेंस (GPL) कहा जाता है, वितरित किया गया।

लाइनक्स के बेसिक ऐलीमेंट्स

लाइनक्स के मुख्य ऐलीमेंट्स के बारे में नीचे एगक एक करके बताया जा रहा है।

कर्नेल (Kernel)

कर्नेल लाइनक्स सिस्टम का कोर होता है और यह सिस्टम के स्टार्ट होते ही मेमोरी में लोड होता है। यह मेन मेमोरी, फाइल्स एवं पेरीफेरल डिवाइसिस को मैनेज करता है। टाइम एवं डेट को मेंटन करना, ऐप्लीकेशन्स को लाँच करना एवं सिस्टम रिसोर्जेज़ को ऐलोकेट करना आदि भी  OS के इसी भाग के कार्य होते हैं।

शैल (Shell)

शैल एक प्रोग्राम है जो यूज़र द्वारा दिए गए कमांड्स को इंटरप्रिट करता है। ये कमांड या तो कमांड लाइन पर टाइप किए जाते हैं या एक फाइल में रखे जाते हैं जिसे शैल स्क्रिप्ट कहा जाता है। शैल स्क्रिप्ट में रखे कमांड्स को शैल द्वारा इंटरप्रिट किया जाता है।

फाइलस सिस्टम

लाइनक्स सभी चीजों को फाइल मानता है। यहाँ तक कि एक डायरेक्ट्री को भी यह फाइल मानता है जिसमें कई अन्य फाइल्स होती है। सभी हार्डवेयर डिवाइसिस जैसे  I/O डिवाइसिस, स्टोरेज डिवाइसिस आदि को फाइल ही माना जाता है।

लाइनक्स फाइल सिस्टम को एक हैरार्की (Hierarchy) में व्यवस्थित किया जाता है जो रूट डायरेक्ट्री से स्टार्ट होती है। यह रूट एक फॉवर्ड स्लैश (/) द्वारा दर्शाई जाती है। रूट डारेक्ट्री के अंतर्गत कई सिस्टम डायरेक्ट्रीज दिखाई गई है।

लाइनक्स में फॉर्वर्डस्लैश (/) का प्रयोग एक सेपरेटर ( विंडोज या डॉस में बैकसैल्श (\) को सेपरेटर की तरह प्रयोग किया जाता है) की तरह प्रयोग में लाया जाता है। उदाहरण के लिए एक सबडायरेक्ट्री  mydir जो  use डायरेक्ट्री के अंदर है, को  /ues/mydir  के रूप में दिखाया जाएगा usr के पहले लगाया गया स्लैश (/) रूप डायरेक्ट्री को दर्शाता है।

M1 R4 कमांड्स (Commands) Study Material Notes in Hindi

एक लाइनक्स कमांड. आपके दावारा टाइप किए गए कैरेक्टर्स की एक सीरीज होती है। ये कैरेक्टर्स खाली जगह से अलग किए हुए शब्दों से बने होते हैं। पहला शब्द खुद कमांड होता है और बाकी के शब्द कमांड के आर्ग्यूमेंट्स होते हैं। आर्ग्यूमेंट्स वह सूचना प्रदान करते हैं जिनकी जरूरत कमांड को ऐक्जीक्यूशन के समय पड़ सकती है। लाइनक्स कमांड केस सेसिटिव होते हैं। अर्थात्  CP  एवं cP अलगा होता है।

आपकों सभी लाइनक्स कमांड्स को लोअर केस अक्षरों में ही टाइप करने चाहिए।

कमांड लाइन्स से शैल (shell) को कमांड् भेजी है। एक कमांड लाइन में कमांड, निर्देश की लाइन, ऑप्शन तथआ कमांड लाइन के आर्ग्यूमेंट्स होते हैं जो आप दे सकते हैं। उदाहण के लए निम्न लाइन एक कमांड लाइन हैं:

$man cp

कमांड्स को शैल प्रॉम्प्ट ( $,#) पर एंटर किया जाता हे। प्रॉम्प्ट केवल एक चिन्ह होता है जो कमांड लाइन के शुरू में ही दिखाई देता है। यह आपकों बताता है कि लाइनक्स काय् के लिए तैयार है और आपके कमांड का इंतजार कर रहा है।

M1 R4 डिवाइस ड्राइवर्स (Device Drivers) Study Material in Hindi

डिवाइस ड्राइवर सॉफ्टवेयर पैकेज होते हैं जो कर्नेल का प्रमुख भाग बनाते हैं। ये हार्डवेयर डिवाइसिस और OS  के बीच के संपर्क को नियंत्रित करते हैं।

यूटिलिटीज़ (Utilities)

यूटिलिटीज़ सॉफ्टवेयर टूल्स हैं जो लाइनक्स  OS में शामिल होते हैं और ये आपको टेक्स्ट एडिटिंग, प्रोग्रामिंग एवं कम्यूनिकेशन जैसे कई कार्य करने की अनुमति देते हैं।

लाइनक्स में फाइल हैंडलिंग (File Handling in Linux)

लाइन्क्स की प्रत्येक डायरेक्ट्री या फिल को, रूट डायरेक्ट्री से शुरू होने वाले इसके पाथमेन ( Pathname)का इस्तेमाल करके रेफर किया जाता है। उदाहरण के लिए  use  डायरेक्ट्री को / use ( /  या रूट इसकी पेरेंट डायरेक्ट्री है) के रूप में एवं  mini  को /use/mini,  के रूप में दर्शाया जाता है जहाँ  use, mini डायरेक्ट्री की पेरेंट डायरेक्ट्री होती है।

पाथ नेम दो प्रकार के होते है:

M1 R4 ऐब्सोल्यूट पाछ नेम (Absolute Pathname) Study Material Notes in Hindi

रिलेटिव पाथनेम (Relative Pathname)

ऐब्सोल्यूट पाथनेम रूट से शुरू होने वाली किसी एक डायरेक्ट्री के संपूर्ण पाथ को बताता है जैसा कि ऊपर वर्णन किया गया है। रूट को एक फॉर्वर्ड स्लैश (/) के साथ दर्शया जाता है। उदाहरण के लिए Delhi डायरेक्ट्री को ऐब्सोल्यूट पाथनेम होगा /user/mini/sales/north/delhi

रिलेटिव पाथ नेम, एक डायरेक्ट्री के लोककेशन को बताता है जो करेंट वर्किग डायरेक्ट्री से संबंधित (relative) होता है उदाहरण के लिए मान लो कि आप की करेंट वर्किग डायरेक्ट्री /use /mini/sales/sales/north है।  Delhi डायरेक्ट्री का रिलेटिव पाथ नेम Delhi होगा कारण रिलेटिव पाथनेम स्लैश “/”  से शुरू नहीं होते हैं।

यदि पाथ नेम में स्लैश  “/” नहीं लगाते हैं तो लाइनक्स मान लेता है कि आप रिलेटिव पाथ नेम इस्तेमाल कर रहे हैं।

करेंट वर्किग डायरेक्ट्री को पहचानना

यह जानने के लिए कि आप कभी किस डायरेक्ट्री में काम कर रहे हैं, निम्न कमांड टाइप करें:

$pwd (Enter)

यहाँ pwd कमांड आपकी करेंट वर्किग डायरेक्ट्री का ऐब्सेल्यूट पाथ नेम प्रिंट करेगा। इसमें कोई आर्ग्यमेंटस नहीं होते हैं। उदाहम के लिए,  कमांड आपकी करेंट वर्किग डायरेक्ट्री का ऐब्सेल्यूट पाथ नेम प्रिंट करेगा। इसमें कोई आर्ग्यमेंटस नहीं होते हैं।

M1 R4 नई डायरेक्ट्रीज़ बनाना (Making New Directories) (mkdir) Study Material Notes in Hindi

नई डायरेक्ट्री बनाने के लिए डायरेक्ट्री के नाम के साथ  mkdir कमांड का प्रयोग किया जाता है। उदारण के लिए मानलों कि यूजडर मिनी (जोकि अभी होम डायरेक्ट्री /usr/mini में है) चाहती है कि एक  sales  नामक नई डायरेक्ट्री बनाई जाए तो वह निम्न कमांड दे सकती है

$ mkdir sales

सबडायरेक्ट्री Sales करेंट डायरेक्ट्री /usr/mini में बन जाती है। एक  mkdir कमांड ये यदि कई सारी डायरेक्ट्रीज़ बनानी हैं तो प्रतेयक डायरेक्ट्री के नाम को एक स्पेस द्वारा अलग अलग लिखें। उदाहरण के लिए निम्न कमांड से कई डायरेक्ट्रीज़ बनती है:

$  mkdir exam/dbms exam/graphics exam (Enter)

तो यहाँ, सिस्टम  dbms और  graphics नाम की सब डायरेक्ट्रीज बनाने में फेल होगा जबकि यह  exam  डायरेक्ट्री बना देगा।
एक अलग डायरेक्ट्री में जाना (moving to different directory) (cd)

आप cd कमांड का प्रयोग करके अपनी करेंट वर्किग डायरेक्ट्री को बदल सकते हैं। सके लिए  cd कमांड के बाद जिस डायरेक्ट्री में आप जाना चाहते हैं उसका पाथ नेम लिखन होगा (पाथ नेम ऐब्सोल्यूट या रिलेटिव कुछ भी हो सकता है)। उदाहरण के लिए  sales डायरेक्ट्री में जाने के लिए निम्न कमांड टाइप करो:

$ cd sales (Enter)

ध्यान रहें, उपरोक्त कमांड में हने रिलेटिव पाथ नेम का इस्तेमा किया है। यह कमांड देने के बाद यदि आप  pwd  कमांड देते हैं तो आप रिजल्ट इस तरह से देखेंगे: /usr/mini/sales

पाथ नेम के बिना  cd  कमांड हमेशा यूज़र को उसकी होम डायरेक्ट्री में ही वापस ले आता है।

लाइनक्स में क सिंगल डॉग (.) का प्रयोग करेंट वर्किग, डायरेक्ट्री को एवं डबल डॉट (..) का प्रयोग करेंट वर्किग डायरेक्ट्र की पेरेंट डायरेक्ट्री को दर्शाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए  cd..  टाइप करने पर यह यूज़र  mini  को उसकी होम डायरेट्री (/usr/mini)  में ले जाएगा क्योंकि यही  sales  की पेरेंट डायरेक्ट्री है।

M1 R4 एक डायरेक्ट्री को हटाना ( Removing a directory (redir) Study Material in Hindi

Rmdir  कमांड का प्रयोग एक डायरेक्ट्री को हटाने या डिलीट करने के लिए किया जाता है। यह कमांड काम करे, इसके लिए आवश्यक है कि डिलीट की जाने वाली डायरेक्ट्री खाली हो। उदाहरण के लिए यदि  आपकों  exam डारेक्ट्री को हटाना है तो निम्न कमांड टाइप करो:

$rmdir exam (Enter)

हम कई डायरेक्ट्री को एक साथ डिलीट कर सकते हैं। इसके लिए डायरेक्ट्री के नामों को एक एक स्पेस द्वारा अलग अलग लिखे।

यदि प एक सबडायरेक्ट्री में हैं र इसकी डायरेक्ट्री को आप डिलीट करना चाहते हैं तो ऐसा आप नहीं कर पाएँगे।

डायरेक्ट्रीज के कंटेंट्स की लिस्टिंग करना (Listing the contents of directories) (ls)

करेंट डायरेक्ट्री की फाइल्स एवं सब डायरेक्ट्रीज़ की लिस्ट बनाने के लिए ls कमांड का प्रयोग होता है। इसका कार्य डॉस के  DIR कमांड जैसे ही होता है। उदाहण के लिए यूजर mini को उसकी करेंट डायरेक्ट्री के कंटेट्स की लिस्ट बनाने के लिए, निम्न टाइप करना होगा:

$ Is

और उसे निम्न रिज़ल्ट मिलेगा:

East

North

South

west

इस डिस्प्ले का क्रम इस प्रकार है न्यूमरल (संख्याएँ) अपरकेस कैरेक्टर्स लोअरकेस कैरेक्टर्स अर्थात् जो लिस्ट प्रदर्शित होगी उसमें अक्षरों से पहेल संखाएं आएँगी और अक्षरों में भी अपर केस के अक्षर, लोअरकेस से पहले आएँगे।

यदि एक निश्चित डायरेक्ट्री (मानलो north) के अंतर्गत आने वाली फाइल्स एवं डायरेक्ट्रीज के मानों की लिस्ट बनी जानी तो हमें डारेक्ट्री के नाम के साथ  Is  कमांड देना होगा जो इस प्रकार होगा:

$ Is north

आमतौर पर एक डायरेक्ट्री में कई फाइल्स होती है और यूज़र यह जानने के लिए उत्सुक रहता है कि एक खास फाइल इसमें हैं या नहीं। इस  स्थिति में, उसे  Is  कमांड को फाइल के नाम के र्साथ डालना चाहिए जैसे

$Is March

उपरोक्ट कमांड से यह बताया जाएगा – File Not Found error, क्योंकि हमारी करेंट डायरेक्ट्री में  march नाम की की फाइल है ही नहीं। यदि फाइल होती तो Is  फिल का मान डिस्प्ले करता।

Is कमांड को कई सारे ऑप्शन्स के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। ये ऑप्शन, पूर्व निर्धारित आर्ग्यूमेंट्स होते हैं जिन्हें एक माइनस चिन्ह (-) के साथ इस्तेमाल किया जाता है। अलग अलग ऑप्शन कमांड को अलग अलग तरह से कार्य करने पर मजबूर करते हैं।

उदाहरण के लिए, निम्न कमांड से फाइल्स और डायरेक्ट्रीज के नाम कई कॉलम्स में प्रदर्शित होंगे:

$ Is                 -x

East    north             south                         west

ऑप्शनप्रयोग
-x

-r

– t

-a

 

 

-A

-c

 मल्टीकॉलम में आउटपुट दिखाता है।

फिल्स और सब- डाय्रेक्ट्रीज रिवर्स ऑर्डर में दिखाता है।

फाइल्स और सब- डायरेक्ट्रीज को टाइम आर्डर में दिखाता है

सभी फाइल्स को दिखाता है, जिसमें छुपी फाइल्स भी शामिल होती है (. और .. डॉट फाइल्स को छोड़कर)

आइनोड परिवर्तन समय के अनुसार फाइल को दिखाता है।

प्रत्येक फाइल के लिए आइनोड को लिस्ट करता है।

अनुमति, मालिक, आकार, परिवर्तन समय को प्रदर्शित करता है।

फाइल और डायरेक्टरी नामों के साथ दिखाता है।

M1 R4 फाइल्स बनाना (cat  के प्रयोग से) Study Material in Hindi

एक फाइल बनाने के लिए शैल प्रॉम्प्ट पर  cat कमांड टाइप करके >  कैरेक्टर और फिर फाइल का नाम टिप करो। उदारण के लिए यदि एक फाइल  January  बनानी हो तो निम्न कमांड एंटर करो:

$ cat> January (Enter)

आपके एंटर key दबाते ही, आप से कहा जाएगा कि फाइल के कंटेट्स एंटर करो। डाटा टाइप करके (ctrl)+ (D) keys एक साथ दबाओं जिससे कमांड लाइन टर्मिनेट हो जाए

फाइल के कंटेटस की लिस्टिंग करना (cat)

एक फाइल के कंटेंटेस की लिस्ट बनाने के लिए cat कमांड का प्रयोग होता है और इसके बाद फाइल का नाम लिखा जाता है। डॉस में इसके लिए TYPE कमांड था।

$ cat January (Enter)

ऐब्सोल्यूट पाथ नेम डालकर, फाइल को अन्य डायरेक्ट्री में डिस्प्ले किया जा सकता है। cat कमांड से एक से अधिक फाइल्स को प्रदर्शित करने के लिए इनके नामों को एक एक स्पेस से अलग अलग लिखा जाता है जैसा कि निम्न कमांड में देखा जा सकता है:

$ cat January February (Enter)

उपरोक्त कमांड, दो फाइल्स के कंटेट्स को दो अलग अलग लाइनों में दिखाता है। cat के इस्तेमाल से फाइल्स के कंटेट्स को बनाना और प्रदर्शित करना,

फाइल्स की कॉपी करना (Copying Files ) (cp)

Cp कमांड का प्रयोग एक फाइल को दूसरी में कॉपी करने के लिए किया जाता है। डॉस में इसकी तरह COPY कमांड होता है। डॉस की ही तरह cp कमांड में भी दो आर्ग्यूंमेंटों की जरूरत होती है- सोर्स फाइल का नाम (जिसके कंटेट्स कॉपी किए जाने हैं) और दूसरा दार्गेट फाइल का नाम (जिसमें कंटेट्स को कॉपी किया जाना है)।

उदाहरण के लिए  January  फाइल की कॉपी  March फाइल में होनी है ति निम्न टाइप करना होगा:

$ cp January March (Enter)

ध्यान रखे कि अब यदि  Is कमांड दिया जाएगा तो यह तीन फाइल January, February, March दिखाएगा।

ध्यान दे: -cp को –I  को ऑप्शन के साथ प्रयोग करो यदि आप चाहते है कि सिस्टम आपसे, फाइल्स को कॉपी करने से पहले, कन्फर्मेशन माँगे।

यहाँ January फाइल की कॉपी एक नई फाइल march में हो गई हैं।

यदि March फाइल पहले से ही हो तो, इसके बदले  January  फाइल के कंटेट्स इसमें आ जाएँगे

यदि आप कमांड के साथ एक से ज्यादा ऑप्शन देना चाहते हैं तो आप निम्न में से कुछ भी इस्तेमाल कर सकते हैं:

$ Is –I –a –t

$ Is –lat

दोनों तरीके काम करेंगे।

M1 R4 फाइल्स को डिलीटड करने के लिए (Deleting Files) (rm) Study Material Notes in Hindi

एक फाइल को डिलीट करने या हटाने के लिए rm कमांड का प्रयोग किया जाता है। यह DOS के DEL कमांड के जैसा है।

उदाहरण के लिए, यदि  March फाइल को हटाना है तो यह टाइप करो:

$ rm March (Enter)

Rm  को –i ऑप्शन के साथ प्रयोग करो यदि आप चाहते हैं कि सिस्टम आपसे cp  कमांड की तरह, किसी फाइल को हटाने से पहले कम्फर्मेशन माँगे।

एक डायरेक्ट्री हटाने के लिए rm को – r  ऑप्शन के साथ करो। यहाँ – का अर्थ है recursive deletion । उदाहरण के लिए निम्न कमांड accounts  डायरेक्ट्री को हटा देगा:

$rm- r accounts (Enter)

Rmdir केवल खाली डायरेक्ट्री को ही हटाता है जब कि rm- r ms  यदि डायरेक्ट्री खाली नहीं भी है, तब भी हट जाएगी।

M1 R4 फाइल को मूव करना (Moving Files) (mv) Study Material in Hindi

एक फाइल को mv कमांड का इस्तेमाल करके मूव कराया जा सकता है। डॉस में इसकी तरह का कमांड  MOVE  है। निम्न कमांड से  north डायरेक्ट्री sales डायरेक्ट्री से हटकर /usr/mini डायरेक्ट्री में चली जाएगी:

$ mv north/usr/mini/north

उपरोक्ट कमांड north की कॉपी नहीं बनाता है बल्कि उसे एक जगह से हटा देता है।

अब यदि आप Is कमांड टाइप करते हैं तो आप को सिर्फ दो डायरेक्ट्रीज दिखेंगी, South एवं west डायरेक्ट्री  east rm –r कमांड का इस्तेमाल करके हटा दिया गया था और  north को एक एलग डायरेक्ट्री शामिल हो गई है और

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