Maxen Computer Education

UTET Uttarakhand Sample Model Question Paper in Hindi

51.कविता पाठ करने से विद्यार्थियो की किस अभिव्यक्ति का विकास होता है ?

  1. मौखिक अभिव्यक्ति
  2. आतंककारी अभिव्यक्ति
  3. लिखित अभिव्यक्ति
  4. इनमे से कोई नही

52. बच्चो के लेखन कौशल का मूल्यांकन करने के लिए कौन-सी विधि बेहतर हो सकती है ?

  1. सुन्दर लेख का अभ्यास
  2. अपने अनुभवों को लिखना
  3. श्रुतलेख
  4. पाठाधारित प्रश्नो के उत्तर लिखना

53. भाषा-शिक्षण में पाठ्य-पुस्तक

  1. अनावश्यक है
  2. एकमात्र संसाधन है
  3. साध्य है
  4. साधन है

54. गृहकार्य के बारे में कौन-सा कथन उचित है ?

  1. गृहकार्य देना अति आवश्यक है
  2. गृहकार्य अभिभावकों को व्यस्त रखने का उत्तम साधन है
  3. बच्चो की क्षमताओ, स्तर के अनुसार गृहकार्य दिया जाना चाहिये
  4. गृहकार्य कक्षा में किये गये कार्य का अभ्यास-मात्र है

55. यदि बालक में अक्षरों एवं शब्दों के सही आकार, क्रम तथा अक्षरों और शब्दों के बिच की दुरी से सही अंतर को समझने की योग्यता का विकास करना है, तो बालको को कौन-सी दक्षता का प्रशिक्षण देना चाहिये ?

  1. सुनने सम्बन्धी दक्षता का प्रशिक्षण
  2. बोलने सम्बन्धी दक्षता का प्रशिक्षण
  3. लिखने सम्बन्धी दक्षता का प्रशिक्षण
  4. व्यवहारिक व्याकरण का प्रशिक्षण

56. स्वर को हिंदी वर्णमाला में परिभाषित करते हेई

  1. ऐसी ध्वनिया, जो स्वतन्त्र रूप से स्वंय उच्चारित की जाति है
  2. ऐसी ध्वनिया जो स्वर की सहायता से उच्चारित की जाति है
  3. ‘a’ तथा ‘b’ दोनों ही सत्य है
  4. ‘a’ तथा ‘b’ दोनों ही असत्य है

57.निम्न में से क्या वाचन का आधार नही है ?

  1. अभिनय
  2. वाचन मुद्रा
  3. छान्दनुक्रम वाचन शैली
  4. भावात्मक वाचन विधि

58. रचना वह सार्थक व् कलात्मक अभिव्यक्ति है जिसके द्वारा हम निश्चित उद्देश्यों को सामने रखकर अपने विचारो को लिपिबद्ध करते है ! कथन है

  1. हर्बर्ट
  2. मैक्डूगल
  3. क्रो एवं क्रो
  4. योगेन्द्र्जीत

59. मार्त भाषा शिक्षण का सिद्धान्त निम्नलिखत है

  1. अभिप्रेरणा का सिद्धान्त
  2. रूचि का सिद्धान्त
  3. क्रियाशीलता का सिद्धान्त
  4. ये सभी

60. भाषा शिक्षण में अधिगम-सामग्री का प्रमुख दायित्व है

  1. कम समय में अधिक ज्ञान दिया जाना
  2. छात्रों का ध्यान पाठ में केन्द्रित होना
  3. शिक्षको द्वारा शिक्षण कार्य में कम मेहनत किया जाना
  4. विषय-वस्तु के कठिन स्थलों का उचित स्पष्टीकरण करना

Leave a Comment