CTET UPTET Construct Intelligence Multi Dimensional Intelligence Practice Sets Hindi

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बौद्धिक विकास और विद्दालय(CTET UPTET Construct Intelligence Multi Dimensional Intelligence Practice Sets Hindi)

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Back to IndexSSC CGL Study Material Sample Model Solved Practice Question Paper with Answers

नेक मनोवैज्ञानिक यह प्रश्न करतेहै कि बालक की I.Q. की विवृद्धि और विकास पर विद्दालय जाने का क्या प्रभाव पड़ता है। क अध्ययन में यह देखा गया कि अच्छे परिवारों और पर्यावरम से आए बालको की I. Q. की विवृद्धि पर नर्सरी स्कूल का प्रभाव नगन्य है जवकि उन बच्चों की I.Q.  पर अधिक है जो सामान्य से कम स्तर के परिवारो औरवातारवरण से सम्बन्धित होते है। इस दिशा में हुए अध्ययनों में यह भी देखा गया है कि समान स्कूलो में समान अनुभव प्राप्त करने वाले बच्चों की I.Q. का विकास भी सामान्य ढंग से नही होता है। कुछ आधुक अध्ययनों मेंयह देखा गया है कि बच्चे का ज्ञानात्मक विकास विद्दालय के जाने से प्रभावित होता है इन प्रयोगात्मक समूहो की I.Q. में महत्वपूर्ण और सार्थक वृद्धि हुई।

शिक्षा के क्षेत्र में बुद्धि- परीक्षमों का महत्व

शिक्षा के क्षेत्र में बुद्धि- परीक्षणों का महत्व निम्नलिखित है

शैक्षणिक मार्ग-दर्शन:- विज्ञान के साथ –साथ मनोविज्ञान ने मानवीय समस्यओं के समाधान मे अपूर्व योगदान दिया है। इसके द्वारा बच्चों के भविष्य निर्धारण की योजनों को बनाया जा रहा है। इसी प्रकार से शिक्षा के क्षेत्र में सही दिशा लक्ष्य को प्राप्त करने में बुद्धि परीक्षाएँ समर्थ होती है क्षेत्र के विकास के लिए प्राथमिक एवं गौण दोनों ही प्रकार के पाठ्यक्रमों की आवश्यकता होती है। प्राथमिक पाठ्यक्रम बालको को अच्छा नागरिक बनाने के लिए प्रस्तुत किया जाता है, जबकि गौण पाठ्यक्रम उनकी आदत के अनुसार निश्चित किया जाता है। बुद्धि परीक्षणों द्वारा प्रत्येक छात्र की सही उन्नति के मार्ग को प्रशस्त किया जाता है।

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छात्र वर्गीकरण :– ज्ञान की ग्रहणशीलता छात्रों की मानसिकता पर निर्भर करती है फलस्वरुप एक ही कक्षा – शिक्षण का निष्पादन भिन्न- भिन्न होता है। ज्ञान अर्जन बालकों की बुद्धि क्षमता पर सीधा प्रभाव डालता है। अत: छात्र वर्गीकरण में बुद्धि परीक्षाएँ उपयोगी होती है। वर्तमान भारतीय शिक्षा व्यवस्था में एक कक्षा में सामान्य, सामान्य से उच्च वं सामान्य से नीचे आदि स्तरो के छात्र- छात्राएं अध्ययनरता रहते है। प्रश्न कर सके इस प्रका से अध्यापकी य छात्र एव् पाठ्यकम सम्बन्धी सभी समस्याएं आसानी से समाप्त हो जाती है।

यौन- भिन्नता में उपयोगी :- शोध कार्यो से स्पष्ट हुआ है कि लड़क एवं लडकियों में बुद्धि के आधार पर ही कार्यकुशलताओं में अन्तर पाया जाता है। इनके शारीरिक एवं मानसिक व्कास का क्रम भिन्न होता है। अत: ज्ञान अर्झन की क्षमताओं में भी भिन्नता पाई जाती है। स्पीयरमैन के अनुसार, दोनों के सामान्य वं विशिष्ट योग्यताएँ पाई जाती है और इनका निर्धारण बुद्धि – पीक्षणों के आधार पर ही सम्भव है। अत: सामाजिक व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए यौन –भिन्नता के आधार पर विभिन्न अन्तरों की पहचान कर उनके बूच समायोजन स्थापित करने के लिए बुद्धि –परीक्षणों का प्रयोग किया जाता है।

स्वयं का ज्ञान :- शिक्षा का प्रयत्न बच्चों का सामान्य विकास करना होता है। बच्चे अपने भीतर की क्षमताओं एवं शक्तियों को पहचानकर अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति आसानी से कर सकते है। अत: बुद्धि का प्रभाव सर्वाधिक होता है। वह अपने भीतर विघटित तत्वों को निकाल देता है और अविघटित तत्वों को विकसित करता है।

अधिगम प्रशाली में उपयोगी :– सीखने की प्रक्रिया बुद्धि पर निर्भर करती है। छात्र की लगन, अभ्यास प्रक्रिया, गलतियों का निरसन, धारणा एवं प्रोत्साहन में वृद्धि एवं स्थानान्तररण आदि में बुद्धि का प्रभाव सर्वाधिक होता है। बुद्धि परीक्षणों ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिभाशाली बच्चे कम समय में अधिक अधिगम एवं ज्ञान अर्जित करने में सक्षम होते हैं

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व्यावसायिक मार्ग –दर्शन :- व्यवसाय में मनोविज्ञान ने पदार्पण करके विभिन्न समस्याओं का समाधान निकाला है। विभिन्न व्यवस्थों के लिए भिन्न प्रकार के मानसिक स्तर के व्यक्तियों की आवश्यकता होती है। उपयुक्त मानसिक स्तर का व्यक्ति अपने व्यवसाय का चुनाव कर लेते हैं तो हमारी अभिरुचि एवं कार्य- क्षमता का ह्रास होने लगता है, फलस्वरुप व्यवसास और व्यक्ति होनों का विकास अवरुद्ध हो जाता है। इस तरह व्यावसायिक मार्ग- दर्शन में भी बुद्धि- परीक्षण की भूमिका अहम होती है।

अनुसंधान :- शिक्षा के क्षेत्र में विकास अनुसंधानों के उपर निर्भर करता है। कक्षा के भीतर की समस्याएँ और सामान्य समस्यओं के समाधान के लिए अनुसंधान का सहारा लेना पड़ता है। प्रत्येक अनुसंधान के लिए बुद्धि परीक्षण आवश्यक होता है। विभिन्न घटकों का चयन करना होता है तो बुद्धि भी आधार होता है ताकि कम से कम त्रुटि हो।

छात्र चयन में उपयोगी :- विद्दालय में प्रवेश करने के बाद बालक के विकास का उत्तरदायित्व विद्दालय को होता है। विद्दालय –प्रशासन एवं प्रबन्धन बुद्धि परीक्षणों का प्रयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में छात्र चयन हेतु  करता है

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  • प्रवेश : किसी भी4 कारय के लिए छात्र को अनुमति देने से पहले उसकी शारीरिक एवं मानसिक परिपक्वता का पता लगाना आवश्यक होता है। बुद्धि –परीक्षण की सहायता इस कार्य में ली जाती है।
  • छात्रवृत्ति :– शिक्षा के क्षेत्र में गरीबों और पिछडे वर्गों के छात्रों का समुचित विकास करना प्रशासन का पर्म उददेश्य रहा है। इसके लए छात्रवृत्ति, निर्धन पुस्तक सहायता योजना और पिछड़े वर्ग की व्यक्तिगत शिक्षण योजनाएँ वर्तमान सरकार द्वारा चलाई जा  रही है। इनमें छात्रवृत्ति का प्रारुप बुद्धि- लब्धि के आधार पर तैयार किया जाता है।
  • विशिष्ट योगयताएँ :- प्रौद्दोगीकरण के विकास ने योग्यता के क्षेत्र को अत्यन्त विशाल बना दिया है। आज प्रत्येक क्षेत्र में नवीन प्रतिभाओं की खोज हो रही है प्रतिभा खोज का प्रमुख आधार बुद्धि परीक्षाओं को ही माना जाता है।

 

 

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