CTET UPTET Gender Issues Shaishik Abhyas Study Material in Hindi

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शैक्षिक-अभ्यास (Gender Issues Shaishik Abhyas Study Material in Hindi)

समाज लड़की को लड़के से भिन्न समझकर उसे निश्चित रुढिगत काम धंधों में लगा देता है। शिक्षण केसय कुछ अध्यापक भी लड़कियों पर अवांछित टिप्पणी करते है, जो शिक्षण की रीति नीति के अनुकूल नहीं है। ऐसे अध्यापको की यह भी धारणा है कि लड़कियों के लिए ऐसी शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए जो उन्हे सदगृहिणी तथा आदर्श माता बनने में सहायक हो इस प्रकार का विचार न केवल व्यक्तित्व की भिन्नता सम्बन्धी गुणों की अबहेलना करता है अपितु यह इस तथ्य की भी उपेक्षा करता है कि बालक –बालिकाओं को कुछ समान कौशल सिखाने की भी आवश्यकता है। पहले भी इस बात की चर्चा की जा चुकी है कि बालक तथा बालिकाएं कुछ क्षेत्रों या योग्यतओं में अवश्य भिन्न हैं और इन क्षेत्रों में ये एक –दूसरे से आगे भी निकल जाते है। इसी आधार पर जन्मजात योग्यताओं के अधिकतम विकास के लिए विशेष शिक्षण रीति- नीति अपनाने की आवश्यकता है तथा अभाव के क्षेत्रों को भी प्रबल करने के लिए विशेष पद्धतियों का आश्रय लेने की आवशयकता है। अध्यापक होने के नाते आपको लिगभेग आधारित भावना के विरुद्ध साहसिक कदम उठाना होगा। इसके साथ साथ लड़के- लड़कियों के बीच पाए जाने वाले वास्तविक भेदों को भी पहचानना होगा तथा उन्हे स्वीकार करना होगा और अध्ययन के समय उसी प्रकार की रीति नीति का उपयोग करना होगा।

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लड़कियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण दूसरा महत्वपूर्ण मुददा है। इसका स्पष्ट लक्षण न केवल उनके प्रति किए जाने वाल व्यवहार से प्रकट होता है अपितु उनको दी जाने वाली पठन-सामग्री भी इसका महत्वपूर्ण प्रमाण है समाज के निम्नस्तर से आने वाली लड़कियों के सन्दर्भ में इस स्तर भेद की बुराई और भी अधिक है। समाज के निम्न सत्र पर रहने वाली जातियाँ है. इन पर दो लांछन आरोपित किए जाते है एक तो ह कि ये अभावग्रस्त परिवारों के है तथा दूसरा यह कि ये आर्थीक दृष्टिसे पिछडे तथा दलित है लड़कियों के ले ये होनो शैक्षिक तथा सामाजिक दृष्टिकोण उनके सामाजिक उत्थान में बाधक बनते है आर्थिक दृष्टि से भी कमजोर होने के कारण ये समुदाय अपनी लडकियों को विद्दालचय भेजने में की समस्याओं का सामना करते है।  ये सनुदाय यह भी अनुभाव करते है कि लडकीकी पढाई पर किए जाने वाले खर्च की तुलना मे उनके विवाह पर किया जाने वाला खर्च की तुलना में उनके विवाह पर किया जाने वाला खर्च कहीं अधिक उपयोगी और लाभप्रद है। यद्दपि अनेक राज्य सरकारों ने लड़कियों की उचित शिक्षा के लिए अनेक कलायाणकारी योजनाओं का विद्दालय की चारदीवारी में प्रवेश नहीं कर पाई है। लड़कियों की शिक्षा से सम्बन्धित आर्थिक,  शैक्षिक तथा सामाजिक पक्षों के विषय में चिंतन करना अध्यापक के लिए अत्यन्त महत्व के क्षेत्र है

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व्यक्त व्यक्तित्व के सन्दर्भ में लैगिक भेद व्यक्ति के गठन में भिन्नता के कारण ही वौद्धिक आचरण, व्यवहार तथा उपलब्धि में अन्तर आने लगाता है। रुचि, जीवन के उद्देश्य, आदर पृष्टभूमि तथा बौद्धिक योग्यता में भिन्नता के कारण ही हर व्यक्ति आशानुकूल उपलब्धियों के लिए अपने आचरम का मार्ग खोज निकालता है। कुछ व्यक्ति बहिर्मुखी आचरण के होते है किसी को अधिगम की एक विधि अच्छी लगती है तो दीसरे को अन्य विधि। कुछ आक्रामक स्वभाव के होते है, तो कुछ स्वभाव से विनम्र होते है इस प्राक के अबौद्धिक लक्षण तथा गुण उसके विकास तथा मानसिक योग्यताओ की अभिव्यक्ति को अलग अलग दिशाओं में प्रभावित कर सकती है। बालक के सन्तुलित व्यक्तित्व के वकास के लिए आपका उत्तरदायित्व है कि इन भिन्नतओं की परीक्षा करे तथा उसे अपने आप में स्वतन्त्र भिन्न व्यक्तित्व समझ कर विकास में सहायता करें। शैक्षिक तथा अधिगम की इस व्यवस्था के अनुसार ही बाल मनोविज्ञान आधारित अधिगम सम्भव हो सकेगा।

 

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